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मध्यप्रदेश बोर्ड परीक्षा: इस बार हर केंद्र पर रहेंगे विशेष ‘प्रेक्षक’, सख्त निगरानी में होगी परीक्षा

भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 10 फरवरी से शुरू हो रही हैं। इस बार परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और दोषमुक्त बनाने के लिए मंडल ने कई अहम बदलाव किए हैं, जिनमें सबसे बड़ा कदम है प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर विशेष ‘प्रेक्षकों’ की अनिवार्य तैनाती

पिछले वर्षों से हटकर है रणनीति

पहले केवल संवेदनशील और अति-संवेदनशील केंद्रों पर ही प्रेक्षक होते थे। लेकिन इस बार सभी केंद्रों पर सेवानिवृत्त प्रथम या द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों एवं प्राचार्यों को प्रेक्षक नियुक्त किया जा रहा है। इनका चयन जिला कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। इन्हें प्रतिदिन 700 रुपये का मानदेय दिया जाएगा।

प्रेक्षकों की भूमिका होगी व्यापक और जिम्मेदारीपूर्ण

इन प्रेक्षकों की भूमिका महज प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि पूर्ण नियंत्रण वाली होगी। उनकी निगरानी में ही प्रश्नपत्रों के बंडल खुलेंगे, सामग्री का वितरण होगा और उत्तरपुस्तिकाएं एकत्र की जाएंगी। उन्हें परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा और सभी उत्तरपुस्तिकाओं की सुरक्षित वापसी तक वहीं मौजूद रहना होगा। उनकी लोकेशन और ड्यूटी की रीयल-टाइम निगरानी मंडल के एप से भी की जाएगी।

संवेदनशील केंद्रों पर डबल सावधानी

मंडल ने प्रदेश भर में लगभग 700 और भोपाल जिले में 16 संवेदनशील व अति-संवेदनशील केंद्र चिह्नित किए हैं। इन पर उड़न दस्तों की विशेष टीमें भी तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी अनियमितता पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।

छात्रों के लिए विशेष निर्देश

मंडल ने इस बार छात्रों के लिए भी एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। उत्तरपुस्तिका के प्रथम पृष्ठ पर मुद्रित OMR शीट (रोल नंबर, विषय कोड आदि भरने के लिए) को अत्यंत सावधानीपूर्वक भरना होगा। इसमें कोई भी गलती या धब्बा छात्र के परिणाम को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकती है और इसकी जिम्मेदारी छात्र की स्वयं की होगी।

25 हजार कर्मियों की तैनाती

इस व्यापक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए लगभग 25 हजार अधिकारियों व कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया जाएगा। जिला स्तर पर निगरानी तंत्र को भी सशक्त बनाया गया है।

‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं’

माशिमं के सचिव बुद्धेश कुमार वैद्य ने स्पष्ट किया, “तकनीक की मदद से पारदर्शी परीक्षा का लक्ष्य है। जिला स्तर पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

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