अग्रसर इंडिया न्यूज़ डेस्क भोपाल। मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकारें भले ही नए अस्पतालों और आधुनिक मशीनों का दावा करें, लेकिन प्रदेश के सरकारी डॉक्टरों का एक बड़ा तबका पिछले दो दशकों से ‘प्रशासनिक कोमा’ में है। साल 2004-05 से नियुक्त सैकड़ों डॉक्टर आज भी सरकारी कागजों में ‘प्रोबेशन’ (परिवीक्षा अवधि) […]









