मध्य प्रदेश के राजधानी भोपाल को जल्द ही एक और रेलवे स्टेशन मिलने जा रहा है। जनवरी में निशातपुरा रेलवे स्टेशन शुरू होने की संभावना है, इसके साथ ही भोपाल में पांच रेलवे स्टेशन हो जाएंगे। इस स्टेशन से करोंद, लालघाटी, गांधी नगर, अयोध्या नगर, आनंद नगर, भीमनगर व आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

निशातपुरा रेलवे स्टेशन की फाइल फोटो।
HighLights
- स्टेशन शुरू होते ही भोपाल स्टेशन पर ट्रेनों का दबाव कम हो जाएगा
- इससे प्लेटफार्म पर भीड़ घटेगी और ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार आएगा
- भोपाल आउटर पर ट्रेनों को खड़ा रखने की समस्या भी इससे हल हो सकेगी
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को निशातपुरा के रूप में पांचवां रेलवे स्टेशन जल्द मिल सकता है। रेलवे ने तैयारियां तेज कर दी हैं और निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, जनवरी 2026 से स्टेशन का संचालन शुरू करने का लक्ष्य तय कर लिया गया है।
स्टेशन शुरू होते ही भोपाल रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। इससे प्लेटफार्म पर भीड़ घटेगी और ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार आएगा। इससे करोंद, लालघाटी, गांधी नगर, अयोध्या नगर, आनंद नगर, भीमनगर व आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
इंजन रिवर्सल की झंझट होगी खत्म
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अगर भोपाल स्टेशन पर समाप्त होने वाली कुछ ट्रेनों का टर्मिनेशन निशातपुरा तक बढ़ाया जाता है, तो इंजन रिवर्सल की जरूरत खत्म हो जाएगी। अभी भोपाल स्टेशन पर इंजन की दिशा बदलने में 30 से 45 मिनट तक का समय लग जाता है, जिससे ट्रेनें देरी का शिकार होती हैं। निशातपुरा से यह समय बचेगा और ट्रेनों को सीधे इंदौर, उज्जैन और रतलाम की ओर रवाना करना आसान होगा।

सुविधाएं लगभग तैयार
स्टेशन परिसर में प्लेटफार्म विस्तार, टिकट घर, प्रतीक्षालय, पार्किंग, सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था का काम अंतिम चरण में है। साथ ही भोपाल आउटर पर ट्रेनों को खड़ा रखने की समस्या को भी इस स्टेशन के जरिए काफी हद तक दूर करने की योजना बनाई गई है।
इन ट्रेनों को मिल सकता है नया ठहराव
निशातपुरा स्टेशन से हाल्ट देने की प्रक्रिया अब अगले चरण में पहुंच गई है। पहले ही मालवा एक्सप्रेस और जबलपुर-वेरावल (सोमनाथ) एक्सप्रेस का यहां ठहराव नोटिफाई किया जा चुका है। इसके साथ-साथ जिन ट्रेनों को यहां रोकने की तैयारी चल रही है, उनमें जयपुर-चेन्नई एक्सप्रेस, अजमेर-हैदराबाद एक्सप्रेस, इंदौर-हावड़ा एक्सप्रेस, इंदौर-राजेंद्र नगर एक्सप्रेस, विंध्याचल राज्यरानी, भोपाल-बीना मेमू, बिलासपुर एक्सप्रेस और झांसी-इटारसी पैसेंजर शामिल हैं। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल मंडल




