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दृश्यता 350 मीटर होने पर भी राजा भोज एयरपोर्ट पर लैंड हो सकेंगे विमान

 

Bhopal Raja Bhoj Airport: राजा भोज एयरपोर्ट पर गगन (जीपीए एडेड जिओ नेविगेशन) आधारित सिस्टम स्थापित किया गया है। इसकी मदद से खराब मौसम में भी विमानों क …और पढ़ें

दृश्यता 350 मीटर होने पर भी राजा भोज एयरपोर्ट पर लैंड हो सकेंगे विमान

दृश्यता 350 मीटर होने पर भी राजा भोज एयरपोर्ट पर लैंड हो सकेंगे विमान

HighLights

  1. यह एक उपग्रह आधारित सिस्टम है
  2. ऊंचाई पर ही दिशा-निर्देश मिल जाते हैं
  3. सिस्टम समय पर सटीक सूचना देता है

भोपाल। राजा भोज एयरपोर्ट पर गगन (जीपीए एडेड जिओ नेविगेशन) आधारित सिस्टम स्थापित किया गया है। इसकी मदद से खराब मौसम में भी विमानों को सही दिशा-निर्देश मिल सकेंगे। इस सिस्टम को तकनीकी भाषा में गगन आधारित एलवीवी सिस्टम कहा जाता है।

नया सिस्टम स्थापित होने से रनवे की परिचालन क्षमता बढ़ेगी। हाल ही में एयरपोर्ट पर कैटेगरी-आइएलएस सिस्टम स्थापित किया गया है। इसकी मदद से 350 मीटर दृश्यता होने पर भी विमान लैंड हो सकते हैं।

उपग्रह आधारित सिस्टम है

नया गगन सिस्टम आइएलएस सिस्टम के बैकअप में मदद करेगा। यह एक उपग्रह आधारित सिस्टम है, जो जीपीएस संकेतों को बढ़ाता है। यह सिस्टम एयरपोर्ट अथारिटी एवं भारतीय अनुसंधान संगठन (इसरो) ने संयुक्त प्रयास से विकसित किया है। एलपीवी प्रक्रिया गगन की मदद से विमानों को सटीक मार्गदर्शन प्रदान करती हैं।

 

ऊंचाई पर ही दिशा-निर्देश मिल जाते हैं

विमानों को ऊंचाई पर ही दिशा-निर्देश मिल जाते हैं, जिससे सुरक्षित लैंडिंग संभव हो सकती है। इस सिस्टम को अब नागर विमानन महानिदेशालय यानि डीजीसीए से अनुमति मिलना बाकी है। अनुमति मिलने के बाद यह काम करने लगेगा।

सिस्टम समय पर सटीक सूचना देता है

एयरपोर्ट डॉयरेक्टर रामजी अवस्थी के अनुसार यह सिस्टम समय पर सटीक सूचना देता है। इससे सुरक्षित लैंडिंग के साथ एयर टर्बाइन फ्यूल की भी बचत होती है। कमीशनिंग से पहले मंगलवार को अथॉरिटी की फ्लाइट इंस्पेक्शन यूनिट विशेष विमान से भोपाल पहुंची। निरीक्षण एवं सत्यापन सफलतापूर्वक किया गया।

अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू कराने में भी मदद मिलेगी

इस दौरान सभी तकनीकी एवं सुरक्षा मानक संतोषजनक पाए गए। डीजीसीएस से अनुमति मिलने बाद भोपाल आने वाले विमानों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा। इससे अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू कराने में भी मदद मिलेगी। विदेशी रूट पर संचालित करने वाली एयरलाइंस को विमानों के सुरक्षा मापदंड पूरे करने में भी मदद मिलेगी।

 

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