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भोपाल:क्रिटिकल और वल्नरेबल मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतज़ाम

मतदाताओं की सुविधाओं का रखा जाएगा ध्यान

भोपाल। अगामी 12 मई को भोपाल लोकसभा सीट पर होने वाले मतदान के लिए 2253 मतदान केन्द्रों रहेंगे। जिनमें से तकरीबन साढ़े तीन सौ मतदान केन्द्र क्रिटिकल और वल्नरेबल के रूप में चिन्हित किए गए हैं। इन सभी मतदान केन्द्रो पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। सीआरपीएफ जवान तो बूथों पर तैनात किए ही जाएंगे साथ में सीसीटीवी कैमरे और वेबकॉस्टिंग के माध्यम से भी इन बूथों पर नजर रखी जाएगी। गुरुवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकार वार्ता में जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर डा. सुदाम खाडे और डीआईजी इरशाद वली ने संयुक्त रूप से ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक ही परिसर में ज्यादा मतदान केन्द्रों की संख्या होने के कारण इनमें से तकरीबन 400 पोलिंग बूथों का अलग-अलग जगहों पर शिफ्ट कर दिया है। डा.खाड़े ने बताया कि अब प्रत्येक बूथ पर पांच सौ से कम मतदाता रहेंगे, जिससे कि लम्बी-लम्बी कतारें नहीं लगेंगी। पोलिंग बूथों पर मतदाताओं को शीतल पेयजल मिले और उनकी कतारें जहां लगती हैं वहां छांव रहें। इसकी भी व्यवस्था की जाएगी। मतदाताओं के बैठने के लिए भी बूथ के बाहर कुर्सिया लगाई जाएंगी। वहीं विकलांगों को मतदान केन्द्र तक लाने और घर छोड़कर आने के लिए वाहन का इंतजाम रहेगा, इसके लिए विकलांग मतदाताओं को विशेष पास जारी किए जाएंगे। वहीं शहरी क्षेत्र में मतदान का प्रतिशत बढ़ाने स्वीप अभियान के तहत ढेरों जागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे।

निगम और पंचायतों का को जिम्मेदारी

पोलिंग बूथों पर इन तमाम जिम्मेदारियों का दायित्व शहरी क्षेत्र में नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्र में नगर पंचायत का होगा। नगर निगम द्वारा शहरी इलाकों में जहां बूथों पर मतदान दलों की बैठक व्यवस्था, मतदाताओं के बैठने का इंतजाम, छांव की लिए शेड और पेयजल की व्यवस्था करेगा। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में उपरोक्त सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की होगी। इसके अलावा वहां मौजूद नगर निगम का अमला और ग्राम पंचायत का स्टाफ सेक्टर मजिस्ट्रेट और मतदान दललों को भी सहयोग करेगा। यदि किसी प्रकार का कोई विवाद मतदान केन्द्र पर उत्पन्न होता है, तब भी तत्काल सूचना कंट्रोल रूम को देनी होगी।

के पास रहेगा। विधानसभा चुनाव की तरह ही लोकसभा चुनाव की तैयारियां की जा रही हैं। लेकिन इसमें थोड़ा बदलाव किया गया है। इस बार नगर निगम और ग्राम पंचायत के अमले के पास इस बार केवल मतदान की सभी व्यवस्थाएं करने की जिम्मेदारी होगी। नगर निगम का अमला जहां शहरी क्षेत्र तथा ग्राम पंचायत के लोग ग्रामीण पोलिंग बूथों पर पीने के पानी, छांव, टायलेट, शेड, मतदाताओं के बैठने की व्यवस्था आदि इंतजाम करेंगे। वे सेक्टर मजिस्ट्रेट और मतदान दलों को भी सहयोग करें। मतदान केंद्र पर विवाद की स्थिति निर्मित होने पर इसकी तत्काल सूचना चुनाव कंट्रोल रूम को देंगे।

अब भी जुड़वा सकते हैं सूची में नाम

जिला निर्वाचन अधिकारी डा. खाड़े ने बताया कि कोई मतदाता मतदान से वंचित न रह जाए, इसके लिए गो एण्ड वैरीफाई अभियान चलाया गया है। जिनके नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं वे अपने नाम जुड़वा सकते हैं। यदि आपके पास वोटर आईडी है, लेकिन आपको नाम जब तक मतदाता सूची में शामिल नहीं होगा आप मतदान नहीं कर सकेंगे। ऐसे मतदाता जल्द से जल्द अपनी सूची में नाम देखें और यदि नाम नहीं है तो अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाएं। 30 मार्च तक के लिए विशेष रूप से अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें पुराने वोटर आईडी की जगह नए वोटर आईडी बनाए जा रहे हैं।

डेढ़ सौ होेंगे जिलाबदर

डीआईजी इरशाद वली ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। अभी 32 को जिला बदर किया गया है, जबकि 65 के प्रस्ताव भेजे गए हैं। तकरीबन डेढ़ सौ लोगों को जिला बदर किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जिले में पौने दो सौ के करीब आपराधिक प्रवृत्ति के लोग निवास करते हैं। शेष अपराधियों के जिलाबदर के प्रस्ताव बनाए जा रहे हैं। आपसी विवाद वाले प्रकरणों में बॉण्डओव्हर की कार्रवाई चल रही है। 15 अप्रैल तक 1000 लोगों को बॉण्डओव्हर किया जाएगा। डीआईजी वली ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि बताया कि 26 लाख रुपए की शराब और 44 लाख रुपए से ज्यादा की नकदी बरामद की जा चुकी है। वहीं भोपाल में प्रवेश करने वाले नाकों और सीमाओं पर सख्त चेकिंग चल रही है।

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