पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश की धान को अब तक जीआई टैग नहीं मिलने का मुद्दा उठाया है। …और पढ़ें
HighLights
- एमपी धान को जीआई टैग नहीं मिलने का मुद्दा उठाया
- जीआई टैग नहीं मिला तो अनशन करने की चेतावनी दी
- केंद्र सरकार को पत्र लिखकर मांग की, धरने की धमकी
भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने राजनीति से सेवानिवृत्ति की अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी राजनीति छोड़ने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अंतिम सांस तक कांग्रेस के लिए काम करते रहेंगे और उनकी आगामी भूमिका पार्टी नेतृत्व तय करेगा।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने तीसरी बार राज्यसभा नहीं जाने की अपनी इच्छा पार्टी नेतृत्व को बता दी है। अब आगे उन्हें क्या जिम्मेदारी दी जाएगी, यह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) और प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) तय करेगी।
सोशल मीडिया पोस्ट पर दी सफाई
हाल ही में उन्होंने एक सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी सिबानंद भंजा की पोस्ट को टैग करते हुए सेवानिवृत्ति से जुड़ा संकेत दिया था, जिसके बाद उनके राजनीति से संन्यास लेने की अटकलें लगने लगी थीं। इस पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि वह केवल मजाक था। उन्होंने बताया कि ओडिशा के एक बैंक अधिकारी के सेवानिवृत्त होने के बाद देश भ्रमण की पोस्ट रोचक लगी, इसलिए उसे इंटरनेट मीडिया पर साझा किया था।
बासमती धान को जीआई टैग नहीं मिलने पर नाराजगी
दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश के बासमती धान को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 14 जिलों में एक लाख से अधिक किसान बासमती धान की खेती करते हैं, लेकिन जीआई टैग नहीं होने के कारण उन्हें उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।




