केरल के वायनाड स्थित बीनाची एस्टेट की 224.31 हेक्टेयर भूमि को कलेक्टर गाइडलाइन के आधार पर केरल सरकार को सौंपने का प्रस्ताव है। इस पर मुख्यमंत्री की अध …और पढ़ें

बीनाची एस्टेट को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद। (फोटो- एआई जनरेटेड)
HighLights
- 64.95 हेक्टेयर भूमि पर 160 किसान परिवारों का कब्जा
- हाई कोर्ट के निर्देश बाद दोनों राज्यों में सहमति बनी
- मुआवजा लेकर संपत्ति केरल सरकार को देने का प्रस्ताव
भोपाल। केरल के वायनाड जिले के सुल्तान बाथरी क्षेत्र में स्थित मध्य प्रदेश सरकार की बीनाची एस्टेट को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद अब सुलझने की दिशा में है। राज्य सरकार इस एस्टेट की 224.31 हेक्टेयर भूमि को कलेक्टर गाइडलाइन के आधार पर मुआवजा लेकर केरल सरकार को सौंपने पर विचार कर रही है। इस प्रस्ताव पर मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार वायनाड के सुल्तान बाथरी में स्थित बीनाची एस्टेट की कुल 224.31 हेक्टेयर भूमि मध्य प्रदेश की परिसंपत्ति है। समय के साथ देखरेख के अभाव में इस भूमि पर अतिक्रमण बढ़ता गया और वर्तमान में करीब 64.95 हेक्टेयर भूमि पर लगभग 160 किसान परिवारों का कब्जा हो गया है।
हाई कोर्ट के निर्देश के बाद बनी सहमति
इस मामले को लेकर केरल हाई कोर्ट में भी याचिका दायर की गई थी। वर्ष 2023 में हाई कोर्ट ने दोनों राज्यों को आपसी सहमति से विवाद का समाधान करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद दोनों राज्यों के मुख्य सचिव स्तर पर कई दौर की बैठकों में यह सहमति बनी कि उचित मुआवजे के आधार पर यह परिसंपत्ति केरल सरकार को सौंप दी जाएगी।
कलेक्टर गाइडलाइन के आधार पर मिलेगा मुआवजा
मध्य प्रदेश सरकार के वित्त विभाग ने कलेक्टर गाइडलाइन के आधार पर मुआवजा राशि तय कर परिसंपत्ति हस्तांतरित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। बताया जा रहा है कि इस एस्टेट से राज्य सरकार को कोई खास राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा है, इसलिए व्यावहारिक समाधान के रूप में यह कदम उठाने पर सहमति बनी है।

कैबिनेट बैठक में अन्य प्रस्ताव भी
मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में बीनाची एस्टेट के मुद्दे के साथ-साथ किसानों के हित से जुड़े अन्य प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा। इनमें गेहूं पर 40 रुपये प्रति क्विंटल और उड़द पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा के अनुमोदन का प्रस्ताव भी शामिल है।




