भोपाल। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता अधिनियम तैयार करने के लिए राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रसाद देसाई की अध्यक्षता में समिति गठित की है। यह अन्य राज्यों में बनाए गए अधिनियम के प्रावधानों का अध्ययन करके सरकार को अनुशंसा करेगी। समिति में कानूनविद अनूप नायर, शिक्षाविद गोपाल शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता बुधपाल सिंह, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह और सचिव अजय कटेसरिया को बनाया है।
प्रदेश में विभिन्न व्यक्तिगत तथा पारिवारिक विधियों के अंतर्गत विवाह, विवाह-विच्छेद, भरण पोषण, उत्तराधिकार एवं अन्य संबंधित विषयों का संचालन पृथक-पृथक प्रावधानों के अनुसार किया जा रहा है।
वर्तमान परिप्रेक्ष्य में इन विधियों का समग्र परीक्षण कर एक समरूप, संतुलित एवं व्यवहारिक विधिक संरचना विकसित करने की आवश्यकता अनुभव की जा रही है, जिससे नागरिकों के मध्य समानता, न्याय-संगतता एवं विधिक स्पष्टता सुनिश्चित हो सके।
समग्र अध्ययन करेगी कमेटी
समिति राज्य में प्रचलित विवाह, विवाह-विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक एवं लिव इन संबंधी व्यवस्थाएं का समग्र अध्ययन करेगी। सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए समान नागरिक संहिता के लिए एक संतुलित एवं व्यवहारिक एवं विधिक संरचना प्रस्तुत करने के साथ जन सामान्य, सामाजिक धार्मिक संगठन, विधि विशेषज्ञ, अकादमिक विशेषज्ञ से सुझाव लेकर उनका परीक्षण, महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों के संरक्षण, समानता एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यक प्रावधानों पर विचार कर रिपोर्ट देगी।




