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‘गैस सिलिंडर चाहिए तो 2000 रुपये दो’… बुकिंग के बाद भी जब एजेंसी ने अड़ाया अड़ंगा, तो न्याय मांगने कलेक्ट्रेट पहुंचा पीड़ित

 

भोपाल। राजधानी के जिला कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में एक बार फिर सरकारी सिस्टम की संवेदनहीनता और जमीनी भ्रष्टाचार की तस्वीरें खुलकर सामने आईं। जनसुनवाई में कुल 192 आवेदकों ने अपनी समस्याओं को लेकर न्याय की गुहार लगाई।

इनमें सबसे ज्यादा चौंकाने वाला मामला एक गरीब उपभोक्ता का आया, जिसे ऑनलाइन बुकिंग और वैध पर्ची होने के बाद भी महीने भर से गैस सिलिंडर के लिए तरसाया जा रहा है और इसके बदले मोटी रकम की डिमांड की जा रही है।

 

केस 1: 10 बार चक्कर काटे, चूल्हा जलना बंद तो पहुंचे कलेक्ट्रेट

ग्राम सूखीसेवनिया निवासी विष्णु प्रसाद बैरागी ने कलेक्टर के सामने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्होंने बीती 6 मई को घरेलू गैस सिलिंडर की ऑनलाइन बुकिंग कराई थी। बुकिंग का डीएसी और इनवाइस नंबर भी आ गया। लेकिन जब वे अयोध्या नगर स्थित सैनी इंडेन गैस एजेंसी पहुंचे, तो उन्हें सिलिंडर देने से मना कर दिया गया।

उपभोगता का आरोप है कि वह 10 बार एजेंसी के चक्कर काट चुका है। हद तो तब हो गई जब एजेंसी से जुड़े लोगों ने सिलिंडर के बदले 2000 रुपये की मांग कर डाली। पीड़ित ने कहा कि 2 जून को सीएम हेल्पलाइन और 3 जून को जिला आपूर्ति अधिकारी से शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई और घर में गैस खत्म होने से परिवार को भोजन बनाने के लाले पड़े हैं।

केस 2: सीएम हेल्पलाइन का खेल; अवैध प्लाटिंग की शिकायत का बदल दिया विषय

जनसुनवाई में पहुंचे एक अन्य शिकायतकर्ता नरेंद्र केसवानी ने विभागीय साठगांठ का बड़ा आरोप लगाया। केसवानी के अनुसार, उन्होंने 13 मई 2026 को सीएम हेल्पलाइन पर शासकीय भूमि पर कब्जे, अवैध प्लाटिंग और अवैध कॉलोनी विकास की शिकायत दर्ज कराई थी।

जब कोई एक्शन नहीं हुआ तो उन्होंने कलेक्ट्रेट का रुख किया। वहां जाकर पता चला कि उनकी मूल शिकायत (अतिक्रमण और अवैध प्लाटिंग) को पोर्टल पर हेरफेर करके ‘भूमि अभिलेखों की त्रुटि और राजस्व रिकॉर्ड की विसंगति’ में बदल दिया गया है, ताकि भू-माफियाओं को बचाया जा सके। उन्होंने इस पूरे घोटाले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

जनसुनवाई की अन्य बड़ी शिकायतें

बरखेड़ी खुर्द (सूरजनगर) में अवैध तबेला: रहवासियों ने शिकायत की है कि क्षेत्र की सरकारी जमीन पर कब्जा कर भैंसों का अवैध तबेला चलाया जा रहा है। मलमूत्र और गंदगी सीधे नाले के जरिए जल स्रोतों को प्रदूषित कर रही है, जिससे महामारी का खतरा है।

कालीपरेड औद्योगिक क्षेत्र में बाढ़ का खतरा: उद्योग संचालकों ने बताया कि डीआईजी बंगले से गणेश मंदिर तक बनी नई सीसी सड़क की ऊंचाई बढ़ गई है, लेकिन पिछले 40 साल से यहां नाली नहीं बनी है। आगामी मानसूनी बारिश में 25 से 30 कारखानों में पानी भरने का सीधा खतरा पैदा हो गया है।

अधिकारियों का रुख

कलेक्टर प्रियंक मिश्रा सहित अन्य जिला अधिकारियों ने सभी 192 आवेदकों के आवेदनों को गंभीरता से लिया। कलेक्टर ने गैस सिलिंडर मामले में जिला आपूर्ति अधिकारी को तत्काल सैनी इंडेन गैस एजेंसी की जांच करने और सीएम हेल्पलाइन के पोर्टल पर शिकायतों के विषय बदलने के आरोपों पर संबंधित क्लर्क और अधिकारियों से जवाब तलब करने के निर्देश दिए हैं।

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