ईडी ने सीहोर की जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड के तत्कालीन सीईओ सुनील कुमार त्रिपाठी की लगभग तीन करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति तथा चिकित …और पढ़ें
- गायत्री फूड प्रोडक्ट मामले में पूर्व CEO सुनील त्रिपाठी की 3 करोड़ रुपये की संपत्ति ईडी ने अटैच की
- फर्जी निर्यात दस्तावेज तैयार करने और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच जारी
- चिकित्सा शिक्षा विभाग के क्लर्क हीरो केसवानी की 1.47 करोड़ रुपये की संपत्ति भी बंधक, घर से 86.73 लाख नकद मिले थे
भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सीहोर की कंपनी जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट प्रालि. के प्रकरण में अब कंपनी के तत्कालीन सीईओ सुनील कुमार त्रिपाठी की तीन करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति अस्थायी तौर पर बंधक कर ली है। जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के अंतर्गत की है।
बंधक संपत्ति में त्रिपाठी, उनके परिवार के सदस्यों और उनके द्वारा नियंत्रित संस्थाओं के नाम पर मौजूद एक रिहायशी घर, प्लाट और बैंक बैलेंस शामिल हैं। ईडी ने भोपाल के हबीबगंज थाने और ईओडब्ल्यू में दर्ज एफआईआर के आधार पर कंपनी से जुड़े डायरेक्टरों, अधिकारियों और अन्य के विरुद्ध जांच प्रारंभ की थी।
जांच में पता चला था कि त्रिपाठी ने दूसरों के साथ मिलकर ऐसी जाली रिपोर्ट तैयार की जिसका उपयोग दुग्ध उत्पादों के निर्यात के लिए किया गया था। इसके पहले ईडी ने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर किशन मोदी को गिरफ्तार किया था। दोनों अभी न्यायिक हिरासत में हैं।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के क्लर्क की संपत्ति भी बंधक
ईडी ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के क्लर्क हीरो केसवानी की भी एक करोड़ 47 लाख रुपये की संपत्ति अस्थायी तौर पर बंधक कर ली है। पीएमएलए के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत ईओडब्ल्यू में दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच प्रारंभ की थी।
जांच में पता चला कि जनवरी 2005 से अगस्त 2022 केसवानी ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति (लगभग 1.47 करोड़ रुपये) जमा की, जो उनकी वैध आय का लगभग 286 प्रतिशत अधिक थी। ईओडब्ल्यू भोपाल द्वारा की गई तलाशी के दौरान उनके घर से 86.73 लाख रुपये नकद बरामद किए गए, जिसके बारे में वे संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे पाए।




