भोपाल। राजधानी भोपाल के कंट्रोल रूम तिराहे पर मंगलवार सुबह उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब ट्रैफिक चेकिंग के दौरान एक भाजपा युवा मोर्चा (भाजयुमो) नेता को बिना हेलमेट गाड़ी चलाने पर रोक लिया गया।
इसके बाद मौके पर पहुंचे दर्जनों कार्यकर्ताओं ने न सिर्फ सड़क पर चक्काजाम जैसी स्थिति पैदा कर दी, बल्कि पुलिस कमिश्नर कार्यालय का घेराव भी किया।
मामले के तूल पकड़ते ही प्रशासन ने देर रात एमपी नगर में पदस्थ ट्रैफिक टीआई को पद से हटा दिया है।
हेलमेट पर टोकने पर बुलाई 50 लोगों की भीड़
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष सौरभ खटीक मंगलवार सुबह बिना हेलमेट के अपने दोपहिया वाहन से गुजर रहे थे। कंट्रोल रूम तिराहे पर मुस्तैद ट्रैफिक पुलिस ने जब उन्हें रोका, तो बात बढ़ गई।
सड़क पर धरना: बहस बढ़ते ही सौरभ खटीक ने अपने मित्रों और कार्यकर्ताओं को मौके पर बुला लिया। देखते ही देखते 50 से अधिक भाजपा कार्यकर्ता वहां जमा हो गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बीच सड़क पर धरने पर बैठ गए।
लगे बदसलूकी के आरोप: भाजपा नेताओं का आरोप था कि ट्रैफिक टीआई इरशाद अली खान ने सौरभ खटीक के साथ बदसलूकी की और बीच-बचाव करने आए एमपी नगर मंडल अध्यक्ष निर्भय धाकड़ की ‘नेतागिरी खत्म करने’ की धमकी दी।
मिंटो हॉल पर रोकने की कोशिश नाकाम, कमिश्नर दफ्तर का घेराव
सड़क पर प्रदर्शन के बाद नाराज कार्यकर्ता पुलिस कमिश्नर कार्यालय की ओर बढ़ने लगे। जहांगीराबाद एसीपी बिट्टू शर्मा ने मंटो हॉल के पास प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन वे सुरक्षा घेरा पार कर कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने टीआई पर अवैध वसूली और अभद्रता के आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।
रात को जारी हुआ आदेश
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से मुलाकात और उनके द्वारा निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद ही प्रदर्शन खत्म हुआ। दबाव बढ़ता देख, रात तक एमपी नगर में पदस्थ ट्रैफिक टीआई इरशाद अली खान को वहां से हटा दिया गया और उन्हें वाहन दुर्घटना सेल, आईटीएमएस और सीसीटीवी सर्विलांस का प्रभार सौंप दिया गया।
पुलिस का दावा अलग, बाद में भाजपा नेताओं ने लिया यू-टर्न
इस पूरे घटनाक्रम में ट्रैफिक पुलिस का पक्ष बिल्कुल अलग था। ट्रैफिक टीआई और उनके स्टाफ के अनुसार, बिना हेलमेट जा रहे दो युवकों ने वाहन रोकने से मना कर दिया था और चाबी देने से भी इनकार कर रहे थे। पुलिस ने बदसलूकी और धमकी के सभी आरोपों को सिरे से निराधार बताया है।
नेताओं के बदले सुर
हैरानी की बात यह रही कि दिनभर चले इस भारी ड्रामे के बाद शाम होते-होते भाजपा नेताओं के सुर बदल गए। एमपी नगर मंडल अध्यक्ष निर्भय सिंह धाकड़ ने कुर्ता फाड़े जाने के आरोपों से साफ इनकार कर दिया। वहीं भाजयुमो जिलाध्यक्ष अजय पाटीदार ने भी पुलिस द्वारा दी गई धमकी और कुर्ता फाड़ने की बात का खंडन करते हुए यू-टर्न ले लिया।
फिलहाल, पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कराने की बात कही है।




