मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक माह में नियुक्तियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। पूरी प्रक्रिया की निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा।

जनविश्वास अभियान में खुलेंगी लंबित नियुक्तियों की फाइलें (फोटो- सोशल मीडिया)
HighLights
- सात अगस्त से शुरू होगा जनविश्वास अभियान
- लंबित राजनीतिक नियुक्तियों की होगी समीक्षा
- एक माह में प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
भोपाल। मध्य प्रदेश में सात अगस्त से शुरू होने वाले जनविश्वास अभियान के दौरान विकास कार्यों का निरीक्षण, जनशिकायतों का निराकरण और विभागीय राजनीतिक नियुक्तियों की समीक्षा एक साथ की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर अभियान के दौरान जिलों में लंबित नियुक्तियों की स्थिति का आकलन किया जाएगा।
जिला सलाहकार समितियां बनीं, विभागीय नियुक्तियां अब भी अधूरी
मुख्यमंत्री ने संगठन पदाधिकारियों से चर्चा के बाद सभी मंत्रियों, कलेक्टरों और कमिश्नरों को विभिन्न समितियों में नियुक्तियां कराने के निर्देश दिए थे। अधिकांश जिलों में जिला सलाहकार समितियों का गठन हो चुका है, लेकिन पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास एवं आवास, कृषि सहित कई विभागों की समितियों में नियुक्तियों की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो सकी है।
इन समितियों का दायित्व सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और समय-समय पर उनकी समीक्षा करना है। वर्ष 2023 के बाद इन समितियों में नई नियुक्तियां नहीं हुई हैं।
एक माह में पूरी करनी होगी प्रक्रिया
जनवरी 2026 में मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को स्थानीय स्तर पर सामंजस्य बनाकर एक माह में नियुक्तियां पूरी करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी प्रक्रिया लंबित रहने पर मंत्रियों, कलेक्टरों और कमिश्नरों को प्रभार वाले जिलों में 15 दिनों के भीतर नियुक्तियां कराने को कहा गया था। इसके बावजूद कई विभागों में नियुक्तियां बाकी हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा निगरानी
जनविश्वास अभियान के दौरान कलेक्टरों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ होने वाली बैठकों में लंबित नियुक्तियों की समीक्षा की जाएगी। जहां नियुक्तियां पूरी नहीं हुई होंगी, वहां उन्हें शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए जाएंगे। पूरी प्रक्रिया की निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा, ताकि सभी विभागीय समितियां सक्रिय होकर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में अपनी भूमिका निभा सकें।




