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भोपाल स्टेशन पर पेयजल से लेकर टायलेट तक में कमियां, देश के मॉडल स्टेशनों शुमार इंदौर

एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम

रेलवे स्टेशनों की पोल खोलती CAG रिपोर्ट: भोपाल समेत कई बड़े स्टेशनों पर बुनियादी यात्री सुविधाओं में भारी कमियां, पेयजल और टायलेट के भी बुरे हाल

भोपाल: रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाने और यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के तमाम दावों की पोल नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा ऑडिट रिपोर्ट ने खोल दी है। रिपोर्ट में सामने आया है कि देश के बड़े और अत्यधिक यात्री दबाव वाले स्टेशनों पर भी निर्धारित न्यूनतम यात्री सुविधाएं गायब हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल रेलवे स्टेशन पर भी पेयजल से लेकर शौचालय तक गंभीर कमियां पाई गई हैं।

मुख्य बिंदु (Highlights)

  • कैग की ऑडिट रिपोर्ट: कैग ने देश के 5,908 गैर-उपनगरीय स्टेशनों में से मुख्य रूप से एनएसजी-1 (NSG-1) और एनएसजी-2 श्रेणी के 512 स्टेशनों का चयन कर उनकी यात्री सुविधाओं का आकलन किया था।

  • चुनिंदा स्टेशनों पर ही सभी सुविधाएं: देश भर के ऑडिटेड स्टेशनों में से मात्र 54 स्टेशन ऐसे मिले, जहां सभी 16 बुनियादी सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गईं। राहत की बात यह है कि इस सूची में मध्य प्रदेश से इंदौर रेलवे स्टेशन भी शामिल है।

  • भोपाल स्टेशन पर बुनियादी कमियां: भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए पेयजल की उपलब्धता, बैठने की व्यवस्था, पंखे, शौचालय और स्वच्छता से जुड़े मानकों में भारी खामियां दर्ज की गई हैं।

  • अन्य प्रमुख शहरों का हाल: जबलपुर स्टेशन पर पर्याप्त नल नहीं मिले, ग्वालियर में प्लेटफार्म शेल्टर, यूरिनल और पंखों की कमी सामने आई, जबकि रतलाम स्टेशन पर पंखों की संख्या निर्धारित मानक से कम पाई गई।

किन 16 बुनियादी सुविधाओं को बनाया गया आधार?

कैग ने स्टेशनों का मूल्यांकन जिन 16 न्यूनतम यात्री सुविधाओं के आधार पर किया है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • पेयजल के नल और वाटर कूलर

  • प्रतीक्षालय और यात्रियों के बैठने की व्यवस्था

  • प्लेटफार्म शेल्टर और उच्चस्तरीय प्लेटफार्म

  • यूरिनल, शौचालय और डस्टबिन

  • पंखे, फुटओवर ब्रिज, घड़ियां और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली (PA System)

रेलवे का पक्ष

जबलपुर के सीपीआरओ (CPRO) मधुर वर्मा का कहना है कि यह ऑडिट रिपोर्ट वर्ष 2019 से 2024 के बीच 16 रेलवे जोन के 512 स्टेशनों पर की गई थी। इस दौरान सामने आई कई कमियों को दूर कर लिया गया है, जबकि शेष बची व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए नए कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिससे आने वाले समय में यात्रियों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।

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