एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
मध्य प्रदेश में मानसूनी बारिश का तांडव: भोपाल, रायसेन और सीहोर में जलभराव के हालात; सीएम मोहन यादव ने राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष से संभाली कमान
भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है और झमाझम बारिश का दौर लगातार जारी है। राजधानी भोपाल, रायसेन, सीहोर सहित शिवपुरी और मुरैना जिलों में हो रही भारी बारिश के चलते कई जगह जनजीवन प्रभावित हुआ है। रायसेन में नाले में बाढ़ आने से मुख्य मार्ग करीब आठ घंटे तक बंद रहा, वहीं राजधानी भोपाल में लगातार जलभराव की स्थिति को देखते हुए भदभदा और कलियासोत डैम के गेट खोलने पड़े हैं।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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प्रमुख जिलों में बिगड़े हालात: शिवपुरी और मुरैना में शनिवार को अति भारी वर्षा दर्ज की गई, जबकि भोपाल, रायसेन और सीहोर में लगातार बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया। रायसेन में बेगमगंज को विदिशा से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग नाले की बाढ़ के कारण लगभग 8 घंटे तक पूरी तरह बाधित रहा।
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डैमों के खुले गेट: राजधानी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को एहतियातन भदभदा और कलियासोत बांधों के गेट खोलने पड़े हैं।
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मौसम का मिजाज: मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में मानसून ट्रफ उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के निम्न दबाव क्षेत्र से गुजर रहा है। इसके साथ ही अन्य सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आगामी 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं।
मुख्यमंत्री की उच्चास्तरीय समीक्षा और निर्देश
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आपदा नियंत्रण कक्ष का दौरा: गंभीर होते हालातों को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को भोपाल स्थित होमगार्ड मुख्यालय पहुंचकर राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष से बाढ़ और अतिवृष्टि की स्थिति की प्रत्यक्ष समीक्षा की।
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सर्वोच्च प्राथमिकता नागरिक सुरक्षा: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और संकट में फंसे किसी भी व्यक्ति को अकेला न छोड़ा जाए। मानसून के सक्रिय रहने तक सभी कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, होमगार्ड और राहत-बचाव दल पूरी तरह मुस्तैद रहें।
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रेस्क्यू ऑपरेशन और राहत शिविर: मीडिया से चर्चा में सीएम ने जानकारी दी कि पिछले एक महीने में आपदा प्रबंधन टीमों की मदद से 2,783 से अधिक लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी एसपी को निर्देश दिए गए हैं कि जिन इलाकों में बाढ़ का पानी रिहायशी बस्तियों या घरों तक पहुंच गया है, वहाँ बिना किसी देरी के लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में शिफ्ट किया जाए।




