एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
भागीरथपुरा हादसे के बाद भोपाल में बड़ा कदम: पेयजल लाइनों को सीवेज और नालों से दूर करने के लिए बिछाई जाएंगी 66.25 किमी लंबी नई पाइपलाइन, 24.73 करोड़ रुपये होगी लागत
भोपाल: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई दर्दनाक घटनाओं के बाद सबक लेते हुए अब राजधानी भोपाल में भी सुरक्षात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। शहर में उन सभी पेयजल लाइनों को सीवेज और नालों से दूर शिफ्ट करने का काम शुरू कर दिया गया है, जहां दोनों लाइनें एक-दूसरे के करीब हैं या क्रॉस करती हैं। नगर निगम द्वारा शहर के सभी 21 जोन में लगभग 24.73 करोड़ रुपये की लागत से 66.25 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन बिछाई जा रही है। कुल 28 परियोजनाओं में से 21 पर काम शुरू हो चुका है, जबकि 7 पर अभी काम शुरू होना बाकी है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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विभिन्न जोन में प्रगति की स्थिति: नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, कुल 28 प्रोजेक्ट में से 21 प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू किया जा चुका है। जोन-3 में 90 प्रतिशत, जोन-13 के दोनों प्रोजेक्ट्स में 80-80 प्रतिशत, जोन-15 में 65 प्रतिशत, जोन-2 में 60 प्रतिशत और जोन-14 में 55 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
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जोन-16 और 17 में सबसे लंबी पाइपलाइन: सबसे अधिक कार्य जोन-16 (इंद्रपुरी और गोविंदपुरा क्षेत्र) में होना है, जहाँ तीन प्रोजेक्ट के तहत 18.250 किमी लाइन बदली जानी है। इसी तरह जोन-17 में चार अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के माध्यम से 15.100 किमी क्षेत्र में पाइपलाइन बदली जा रही है।
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7 परियोजनाओं पर काम अभी बाकी: शहर के विभिन्न जोन (जैसे जोन-5, 11, 12, 16 और 17) की कुल 7 ऐसी परियोजनाएं हैं, जिनका काम फिलहाल शुरू नहीं हो सका है। इसके अलावा जोन-1, 7 और 21 के एक-एक प्रोजेक्ट पर काम शुरू तो हो चुका है, लेकिन भौतिक प्रगति का प्रतिशत अभी दर्ज होना बाकी है।
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अधिकारियों का पक्ष: नगर निगम के अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग ने बताया कि जिन स्थानों पर पेयजल लाइनें सीवेज या नालों के संपर्क में आने की आशंका है, उन्हें सुरक्षित दूरी पर शिफ्ट किया जा रहा है। अलग-अलग क्षेत्रों में नई लाइनें डालने से पेयजल और सीवेज नेटवर्क पूरी तरह अलग रहेंगे और जलापूर्ति को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।




