एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
भोपाल में बड़ा वित्तीय फर्जीवाड़ा: एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी में किसानों के फसल बीमा के 3.62 करोड़ रुपये हड़पे, आउटसोर्स कर्मचारी पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एमपी नगर स्थित ‘एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड’ (AIC) में किसानों के फसल बीमा क्लेम की रकम में 3.62 करोड़ रुपये की भारी-भरकम धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कंपनी के ही एक आउटसोर्स कर्मचारी ने हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के किसानों के बीमा क्लेम की राशि में सेंध लगाते हुए उसे अपने रिश्तेदारों और परिचितों के खातों में ट्रांसफर कर लिया। लगभग छह महीने तक किसानों को क्लेम की राशि न मिलने पर जब आंतरिक जांच की गई, तब इस बड़े फर्जीड़े का खुलासा हुआ।
मुख्य बिंदु (Highlights)
-
पोर्टल और सिस्टम में सेंधमारी: कंपनी की आंतरिक जांच में सामने आया कि आरोपी आउटसोर्स कर्मचारी राजेश विश्वकर्मा ने एनसीआईपी (NCIP) पोर्टल पर अनधिकृत लॉगिन किया और किसानों के असली बैंक खातों व मोबाइल नंबरों को बदलकर अपनी पसंद के खातों की जानकारी दर्ज कर दी। इसके अलावा, कंपनी के ‘पे-प्रो’ (Pay-Pro) भुगतान सिस्टम में भी भारी हेराफेरी की गई।
-
चार राज्यों के किसानों से ठगी: इस फर्जीवाड़े से मध्य प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा, महाराष्ट्र और राजस्थान के किसान प्रभावित हुए हैं। किसानों को जब छह महीने बीत जाने के बाद भी उनके फसल बीमा का क्लेम नहीं मिला, तो उन्होंने कंपनी में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पूरे मामले की परतें खुलीं।
-
फर्जी खातों और दस्तावेजों का इस्तेमाल:
-
शुरुआती जांच में एनसीआईपी पोर्टल के जरिए 10 खातों में 45.79 लाख रुपये ट्रांसफर करने की बात सामने आई थी, जो बाद में बढ़कर 77.04 लाख रुपये (13 बैंक खातों के जरिए) हो गई।
-
इसके अलावा, ‘पे-प्रो’ सिस्टम से 2.85 करोड़ रुपये की अतिरिक्त हेराफेरी का पता चला। इस पूरी साजिश में कुल 32 अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।
-
आरोपी ने किसानों के नाम से फर्जी ई-मेल आईडी बनाने के साथ-साथ अधिकारियों के जाली पत्र, मुहर और दस्तावेजों का उपयोग करके बीमा भुगतान को अन्य खातों में डायवर्ट किया।
-
-
पुलिस में मामला दर्ज: कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक पाटिल की औपचारिक शिकायत के आधार पर शनिवार शाम एमपी नगर पुलिस थाने में आरोपी राजेश विश्वकर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। कंपनी ने पुलिस से संलिप्त सभी खातों की जांच करने, बची हुई रकम को फ्रीज कराने और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।




