एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
रातीबड़ रिटायर्ड IAS हत्याकांड: पुलिस की जांच में सामने आईं हत्या की तीन बड़ी थ्योरी, लूट, सुपारी किलिंग और आवेश में वारदात के एंगल पर उलझी गुत्थी
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रातीबड़ इलाके के सूरज नगर में हुए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल के सनसनीखेज हत्याकांड को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन मुख्य आरोपी केयरटेकर वरुण कुमार अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। आरोपी की तलाश में पांच राज्यों में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं। इस बीच, पुलिस की जांच हत्या के मुख्य मकसद पर आकर अटक गई है और अब तक की पड़ताल में लूट, सुपारी किलिंग और आवेश में हत्या की तीन प्रमुख थ्योरी सामने आई हैं, जिनके हर पहलू को पुलिस बारीकी से खंगाल रही है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
-
थ्योरी 1: लूट के लिए हत्या (पर सवाल – सोते समय जान क्यों ली?):
-
आधार: हत्या के बाद आरोपी वरुण पूर्व आईएएस का मोबाइल, सोने की चेन, अंगूठी, अन्य जेवर और नकदी लेकर फरार हुआ है, जिससे लूट का एंगल मजबूत लगता है।
-
सवालों का घेरा: यदि मकसद केवल लूट था, तो सोते हुए बुजुर्ग की जान लेने की क्या आवश्यकता थी? आरोपी घर में रहकर आसानी से सामान चुरा सकता था, जबकि उसने सर्जिकल ब्लेड से गहरी नींद में उनकी हत्या की।
-
-
थ्योरी 2: सुपारी किलिंग या पुराने विवाद (पर सवाल – संयोग या साजिश?):
-
आधार: मृतक राकेश अग्रवाल से जुड़े दो मामलों (क्रमशः 4 करोड़ और 1 करोड़ रुपये की ठगी) का खुलासा हुआ है, जिसमें आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और मामला कोर्ट में विचाराधीन है। पुलिस यह भी देख रही है कि कहीं यह किसी पुरानी रंजिश या सुपारी का नतीजा तो नहीं।
-
सवालों का घेरा: आरोपी वरुण को जिस प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए 10 सितंबर को रखा गया था, उसके शहर में कई अन्य ग्राहक भी हैं। ऐसे में उसका उसी घर में पहुंचना महज संयोग था या कोई सोची-समझी साजिश, और आरोपी का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं मिला है।
-
-
थ्योरी 3: गुस्से या आवेश में हत्या (पर सवाल – सबूत मिटाने और धमाके की साजिश क्यों?):
-
आधार: परिवार और स्टाफ के बयानों में मृतक के गुस्सैल स्वभाव और बात-बात पर डांटने की बात सामने आई है। आरोपी के भी गुस्से वाला होने की जानकारी मिली है, जिससे लगता है कि किसी विवाद के बाद आवेश में आकर वारदात की गई हो।
-
सवालों का घेरा: अगर हत्या आवेश में की गई थी, तो वारदात के बाद एक घंटे तक घर में रुककर सामान समेटना, गैस सिलेंडर का रेग्युलेटर खुला छोड़ना और गर्म प्रेस चालू हालत में छोड़ना क्या किसी पूर्व योजना का हिस्सा था या घबराहट में उठाया गया कदम?
-
-
वारदात की पृष्ठभूमि: 29-30 सितंबर की दरमियानी रात सूरज नगर स्थित आवास पर सोते समय राकेश अग्रवाल की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। साक्ष्य मिटाने के लिए गैस का पाइप निकालने और प्रेस चालू छोड़ने के बाद आरोपी ट्रेन से दिल्ली की तरफ फरार हो गया था, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।




