एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम
त्योहारों पर रेलवे का सफर हुआ मुश्किल: दिवाली और छठ पूजा को लेकर दिल्ली, बिहार, लखनऊ और मुंबई रूट की ट्रेनों में फुल हुईं सीटें; लंबी वेटिंग और रिग्रेट की स्थिति
भोपाल: इस साल दिवाली और छठ पूजा के दौरान अपने घर जाने की योजना बना रहे यात्रियों के लिए रेल यात्रा काफी चुनौतीपूर्ण होने वाली है। 8 नवंबर को दिवाली और 15 नवंबर को छठ पूजा है, लेकिन त्योहारों से हफ्तों पहले ही देश के प्रमुख महानगरों से आने-जाने वाली ट्रेनों में बर्थ मिलना मुश्किल हो गया है। दिल्ली, बिहार, लखनऊ और उत्तर प्रदेश जाने वाली अधिकांश ट्रेनों में नवंबर की शुरुआत से ही स्लीपर से लेकर एसी श्रेणियों तक में लंबी वेटिंग, आरएलडब्ल्यूएल (रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट) और रिग्रेट के हालात बन चुके हैं।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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बिहार रूट पर सबसे ज्यादा दबाव: पटना और अन्य बिहार जाने वाली ट्रेनों में 5 नवंबर से ही सीटों का भारी संकट है। आरकेएमपी-अगरतला एक्सप्रेस, अहमदाबाद-असनसोल एक्सप्रेस, दादर-पटना स्पेशल और एमएमसीटी-किर स्पेशल जैसी ट्रेनों में कई श्रेणियों में रिग्रेट की स्थिति है। 15 नवंबर को छठ पूजा होने के कारण 10 से 15 नवंबर के बीच इस रूट पर भीड़ और अधिक बढ़ने की आशंका है।
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दिल्ली रूट पर भी लंबी वेटिंग: राजधानी दिल्ली जाने वाली आरकेएमपी-हजरत निजामुद्दीन सुपरफास्ट, तमिलनाडु एक्सप्रेस, कर्नाटक एक्सप्रेस, तिरुक्कुरल एक्सप्रेस और गोंडवाना एक्सप्रेस में 1 नवंबर से ही आरएसी और आरएलडब्ल्यूएल की स्थिति बनी हुई है। दिवाली के बाद 12 नवंबर को भी कर्नाटक एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में सभी श्रेणियों में सीटें फुल (रिग्रेट) हो चुकी हैं।
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लखनऊ-गोरखपुर रूट के हालात: राप्तीसागर सुपरफास्ट, पनवेल-गोरखपुर एक्सप्रेस, एलटीटी-सीतापुर एक्सप्रेस, कुशीनगर एक्सप्रेस और पुष्पक एक्सप्रेस समेत इस रूट की तमाम प्रमुख ट्रेनों में 5 से 15 नवंबर के बीच आरएलडब्ल्यूएल और रिग्रेट के हालात बने हुए हैं।
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मुंबई रूट पर थोड़ी राहत: अन्य रूटों की तुलना में मुंबई जाने वाले यात्रियों के लिए स्थिति थोड़ी बेहतर है। पंजाब मेल, तुलसी एक्सप्रेस और मंगलाद्वीप एक्सप्रेस को छोड़कर कई ट्रेनों में 5 नवंबर तक कुछ सीटें उपलब्ध हैं, हालांकि 12 नवंबर तक आते-आते इस रूट पर भी ज्यादातर ट्रेनें फुल हो रही हैं।
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वंदे भारत और स्पेशल ट्रेनें बनीं सहारा: नियमित ट्रेनों में सीटें न मिलने पर यात्री वंदे भारत, शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों के साथ-साथ रेलवे द्वारा चलाई जा रही विशेष त्योहार स्पेशल ट्रेनों में विकल्प तलाश सकते हैं। इसके अलावा समय रहते बस या फ्लाइट का विकल्प चुनना भी समझदारी होगी।




