Bhopal Breaking news Latest News MP Polictics

एमपी में हर जांच अधिकारी को हर महीने निपटाने होंगे 2 केस, डीजी रख रहे सीधी नजर, मुख्यालय को देनी होगी रिपोर्ट

एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia) भोपाल डेस्क टीम

ईओडब्ल्यू (EOW) में फाइलों को लटकाने का दौर खत्म: हर जांच अधिकारी के लिए हर महीने दो मामलों का निपटारा अनिवार्य; डीजी उपेंद्र जैन खुद कर रहे साप्ताहिक समीक्षा

भोपाल: मध्य प्रदेश के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) में लंबे समय से लंबित मामलों और जांच प्रक्रियाओं में आ रही सुस्ती को पूरी तरह खत्म करने के लिए मुख्यालय ने सख्त और नवाचारी कदम उठाए हैं। अब विभाग के प्रत्येक जांच अधिकारी (IO) के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे हर महीने कम से कम दो मामलों को उनके अंतिम मुकाम तक पहुंचाएंगे। इनमें एक मामला प्रारंभिक जांच (शिकायत) का और दूसरा दर्ज आपराधिक प्रकरण का होना आवश्यक है।

मुख्य बिंदु (Highlights)

  • समयबद्ध खाका और कड़े नियम: अब तक ईओडब्ल्यू में दस्तावेजों की लंबी जांच और नोटिस-दर-नोटिस की प्रक्रिया के चलते कई फाइलें सालों-साल लंबित पड़ी रहती थीं। इस सुस्ती को तोड़ने के लिए मुख्यालय ने हर विवेचक के लिए हर महीने दो केसों के निपटारे का समयबद्ध लक्ष्य तय किया है।

  • डीजी उपेंद्र जैन की सीधी निगरानी: इस विशेष अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग है। ईओडब्ल्यू के महानिदेशक (DG) उपेंद्र जैन खुद हर सप्ताह मामलों की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा कर रहे हैं। विवेचकों को अपनी स्टेटस रिपोर्ट हर हफ्ते अनिवार्य रूप से मुख्यालय को सौंपनी होती है।

  • त्वरित सहायता और कानूनी परामर्श: समीक्षा के दौरान यदि किसी जांच अधिकारी को तकनीकी या कानूनी उलझनों का सामना करना पड़ता है, तो उन्हें तुरंत उच्च स्तर पर मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

  • सकारात्मक परिणाम: पिछले महीने लागू किए गए इन कड़े नियमों और अनुशासनात्मक व्यवस्था के बेहद सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं, जिसके चलते इस विशेष अभियान को इस माह भी पूरी ऊर्जा और सख्ती के साथ जारी रखा गया है।

Please follow and like us:
Pin Share

Leave a Reply