एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / शासन एवं भ्रष्टाचार डेस्क
मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में ₹250 करोड़ का बड़ा घोटाला: GeM पोर्टल से खरीदारी में भारी गोलमाल, एलईडी लाइट से लेकर कचरा वाहनों तक में मनमाने दाम
भोपाल: मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में सरकारी खरीद के नाम पर एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से की गई खरीदी के आंतरिक विश्लेषण में यह खुलासा हुआ है कि बाजार दरों की तुलना में करीब 250 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए गए हैं। कचरा वाहनों से लेकर एलईडी लाइट्स तक की खरीद में मनमाने दाम वसूले जाने का मामला तूल पकड़ने के बाद, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने लापरवाह अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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250 करोड़ रुपये की अतिरिक्त फिजूलखर्ची: विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के 374 नगरीय निकायों ने GeM पोर्टल के जरिए कुल 1,134 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के विश्लेषण से यह बात सामने आई कि यदि यही सामग्री औसत दरों पर खरीदी जाती, तो शासन के 200 से 250 करोड़ रुपये बचाए जा सकते थे।
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अजीबोगरीब खेल और वाहनों की खरीद में गड़बड़ी: जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं—कहीं सामान्य कचरा वाहन 2 लाख रुपये में खरीदा गया, तो उसी वाहन में चार डस्टबिन जोड़कर उसकी कीमत बढ़ाकर 6 लाख रुपये तक दर्शा दी गई। कई निकायों ने जरूरत से ज्यादा और बिना वार्डों की संख्या देखे करोड़ों के कचरा वाहन खरीद डाले।
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कीमतों में जमीन-आसमान का अंतर: एक ही तरह के सामान की खरीद में भारी मूल्य अंतर देखा गया। उदाहरण के लिए, एक जैसी एलईडी लाइट कहीं 306 रुपये में तो कहीं 11,800 रुपये की भारी-भरकम कीमत पर खरीदी गई।
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ACS संजय दुबे की सख्त चेतावनी: भोपाल के भौंरी स्थित सुंदरलाल पटवा शहरी विकास प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित बैठक के दौरान एसीएस संजय दुबे ने सभी निकायों के सीएमओ और अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने दो टूक कहा कि किसने किस दर पर क्या खरीदा है, इसका पूरा रिकॉर्ड सरकार के पास है और वित्तीय अनियमितता बरतने वाले अधिकारी किसी भी सूरत में बच नहीं पाएंगे।




