एग्रसर इंडिया (AgrasarIndia)
भोपाल / स्वास्थ्य एवं प्रशासन डेस्क
मध्य प्रदेश में मिलावटखोरों पर सुस्त वसूली: 3.15 करोड़ रुपये के जुर्माने में से विभाग ने वसूले महज 39%; भोपाल में भी पेंडिंग है बकाया राशि
भोपाल: मध्य प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले कारोबारियों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा कार्रवाई तो की जा रही है, लेकिन जुर्माना वसूलने के मामले में विभाग की रफ्तार काफी सुस्त नजर आ रही है। राज्यभर में मिलावटखोरों पर कुल 3 करोड़ 15 लाख 83 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जिसके मुकाबले विभाग अब तक केवल 1 करोड़ 23 लाख 71 हजार 150 रुपये ही वसूल पाया है। यानी कुल जुर्माने का महज 39 प्रतिशत हिस्सा ही सरकारी खजाने में पहुंच सका है।
मुख्य बिंदु (Highlights)
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जुर्माने और वसूली के आंकड़े: खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के तहत पिछले तीन महीनों में 1,894 प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें से 1,081 मामलों में कुल 3.15 करोड़ से अधिक का जुर्माना तय किया गया, जिसमें से 1.92 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अभी भी वसूल किया जाना बाकी है।
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राजधानी भोपाल की स्थिति: भोपाल जिले में मिलावट के 54 मामलों में कुल 6 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जिसके खिलाफ विभाग अब तक 4 लाख 36 हजार 500 रुपये (लगभग 67%) ही वसूल सका है। यहां भी शेष राशि की वसूली अभी पेंडिंग है।
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खाद्य नियंत्रक का बयान: खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक मनोज पुष्प ने बताया कि इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। खाद्य पदार्थों के निर्माण से लेकर भंडारण और बिक्री तक कड़ी निगरानी रखी जा रही है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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कार्रवाई का दायरा: एडीएम (अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी) न्यायालयों के माध्यम से इन मामलों में जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है, ताकि मिलावटखोरों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।




