जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 8 साल की बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में पठानकोट कोर्ट ने मंदिर के पुजारी सांझी राम समेत 5 आरोपियों को दोषी करार दिया। कोर्ट सात आरोपियों के खिलाफ सुनवाई कर रही है। क्राइम ब्रांच ने पिछले साल अप्रैल में सभी 8 आरोपियों के खिलाफ चार्टशीट दाखिल की थी। इनमें से एक आरोपी नाबालिग है। फैसले के मद्देनजर काठुआ में सुरक्षा बढ़ाई गई।
क्राइम ब्रांच ने पिछले साल 9 अप्रैल को आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। इसके मुताबिक, पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड मंदिर का पुजारी सांझी राम था। अपहरण के बाद बच्ची को उसी के मंदिर में रखा गया था। कोर्ट ने सोमवार को सांझी राम के बेटे विशाल, दो पुलिस अफसर दीपक खजूरिया और सुरेंद्र वर्मा और हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज को दोषी करार दिया।
क्या था मामला।
कठुआ में पिछले साल 10 जनवरी को एक मुस्लिम बच्ची लापता हो गई थी, बाद में उसका शव क्षत-विक्षत हालत में जंगल से बरामद हुआ था। आरोप है कि उसे यहां के एक मंदिर में बंधक बना कर रखा गया और कई दिनों तक दरिंगदी की गई।
दोषी हुए तो फांसी की सजा संभव
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी के तहत केस दर्ज किया था। कानूनी जानकारों के मुताबिक, अगर अपराध साबित हुआ तो आरोपियों को कम से कम उम्रकैद और अधिकतम फांसी की सजा सुनाई जा सकती है।