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बजट 2019 : मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए ना उम्मीदी का बजट, इनकम टैक्स लिमिट में कोई बढ़ोतरी नहीं, पेट्रोल डीजल महंगा किया।

केंद्रीय बजट 2019 मध्यवर्गीय परिवारों के लिए नाउम्मीदी लेकर आया साथ ही
पेट्रोल-डीजल पर कर बढ़ाने पर पूरे देश में रिएक्शन आया और लगभग हर जगह पेट्रोल डीजल के दाम में बढ़ोतरी दर्ज की गयी भारत की राजधानी दिल्ली मे शनिवार को पेट्रोल की कीमतों मे 2.45 रुपये की बढ़ोतरी देखने को मिली. इस बढ़ोतरी के साथ दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें अब 72.96 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं. वहीं, दिल्ली में डीजल की कीमतों में भी 2.36 रुपये का इजाफा देखने को मिला. अब डीजल की कीमतें 66.69 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं. वहीं उद्योग नगरी मुंबई में पेट्रोल 78.57 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है तो कोलकाता में इसकी कीमत 75.15 रुपये प्रति लीटर हो गई है.मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में इसका असर गंभीर रहा पेट्रोल 4.56 रु और डीजल 4.36 के दाम इस साल की अधिकतम स्तर को छू गए।

बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शुक्रवार को पेश किए गए बजट में पेट्रोल और डीजल पर सेस और एक्‍साइज ड्यूटी बढ़ाई गई है. पेट्रोल और डीजल पर 1 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से सेस लगाया गया है. इसके साथ ही 1 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से एक्‍साइज ड्यूटी बढ़ाई गई है. बता दें कि पेट्रोल-डीजल सरकार के लिए आय के सबसे बड़े स्रोतों में से एक होता है.

आम जनता में बजट को लेके रोष।ट्वीट कर लोगो ने बजट को बेबुनियाद बताया।

आमतौर पर कच्चे तेल की कीमतें घटने पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है, लेकिन हाल के वर्षों में, सरकार ने वैश्विक कीमतों में गिरावट आने पर भी उत्पाद शुल्क बढ़ाया है. जिससे आम जनता को इसका फायदा नहीं मिल पाता है. बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि बजट में पेट्रोल और डीजल पर एक-एक रुपये प्रति लीटर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क तथा सड़क और बुनियादी ढांचा उपकर बढ़ाने का प्रस्ताव किया है. कच्चे तेल के मूल्य कम हुए हैं. इससे पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क और उपकर की समीक्षा करने का मौका मिला है.

पेट्रोल, डीजल पर कर के साथ-सथ और सोने पर आयात शुल्क भी बढ़ा दिया गया है लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को प्रोत्साहित करने के लिए वाहन ऋण पर कर छूट का लाभ दिया गया है. बजट में दो करोड़ रुपये से अधिक कमाई करने वालों पर कर अधिभार बढ़ाने का प्रस्ताव है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2019-20 का बजट पेश करते हुए आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये अधिकांश कंपनियों को निम्न 25 प्रतिशत कर के दायरे में ला दिया है. यह सीतारमण का पहला बजट है. बजट में सस्ते मकानों के लिये बैंक कर्ज पर अब 3.5 लाख करोड़ रुपये तक के ब्याज पर कर कटौती की छूट देने की घोषणा की गई है. अभी आवास लोन के दो लाख रुपये तक के ब्याज पर आयकर छूट दी जाती है.

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