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नोबेल पुरस्कार विजेता अर्मत्य सेन ने कहा, राम के नाम का नारा आज कल सिर्फ लोगो को पीटने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

भारत के प्रख्यात अर्थशास्त्री और नोबल पुरस्कार प्राप्त अमर्त्य सेन ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में कहा आजकल देशभर में ‘जय श्री राम’ नारे का इस्तेमाल लोगों को पीटने के लिए किया जा रहा है। यह नारा बंगाली संस्कृति का हिस्सा नहीं है। मैंने आज से पहले कभी इस तरह से ‘जय श्री राम’ का नारा नहीं सुना। यह अब लोगों को पीटने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। मुझे लगता है कि इसका बंगाली संस्कृति से कोई संबंध नहीं है।

मां दुर्गा की तुलना राम नवमी से नहीं की जा सकती- सेन
सेन बोले- मैंने आज से पहले इस प्रदेश में कभी राम नवमी उत्सव मनते नहीं देखा। मगर अब यह बेहद पॉपुलर है। मैंने अपनी चार साल की पोती से पूछा कि तुम्हारे फेवरेट देवता कौन से हैं? उसने कहा- मां दुर्गा। मां दुर्गा की तुलना राम नवमी से तो नहीं की जा सकती है।

सेन ने बताया- यदि कुछ विशेष धर्म के लोग आजाद घूमने-फिरने से डर रहे हैं तो यह गंभीर मामला है। सेन का यह बयान उस घटना के बाद आया है जिसमें दो पक्षों के बीच पार्किंग को लेकर विवाद हो गया था।

दरअसल, पुरानी दिल्ली में हौज काजी इलाके में मां दुर्गा का मंदिर गिराया गया था। मई में भाटपारा के परगन जिले में हुई एक घटना में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी ‘जय श्री राम’के नारे को लेकर गुस्सा जताया था। पिछले कुछ महीनों से तृणमूल कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच इस नारे को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है।

दूसरी तरफ शुक्रवार को पश्चिम बर्दवान जिले में भाजपा युवा मोर्चा (भाजपा) कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई। इसमें चार लोग घायल हुए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, भाजयुमो की योजना आसनसोल नगर निगम बिल्डिंग के सामने कई मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन करने की थी। मगर उन्होंने इसके लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली थी। कथित तौर पर भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकी। इसके बाद पुलिस ने भीड़ तो अलग-थलग करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। आसनसोल की लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी बाबुल सुप्रियो ने 2014 और 2019 के सीट पर चुनाव जीता।

ममता ने कहा- हम 2021 के चुनाव में वापसी करेंगे
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने शुक्रवार को बांकुरा और झाड़ग्राम जिले में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। उन्होंने स्थानीय नेताओं को लोकसभा चुनाव में मिली हार को लेकर फटकार भी लगाई। ममता ने कहा- मुझे पूरा भरोसा है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में हम वापसी करेंगे।

बैठक के बाद बांकुरा के तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता बोले- पार्टी प्रमुख ने कार्यकर्ताओं से कहा है कि जो भी लोग भाजपा के लिए काम कर रहे हैं, उन्हें तुरंत पार्टी छोड़ देना चाहिए। लोकसभा चुनाव में दो जिलों की तीनों सीट टीएमसी हार गईं जबकि यहां भाजपा को जीत मिली।

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