Bhopal News: गांधी मेडिकल कॉलेज (Gandhi Medical College) भोपाल की एमबीबीएस छात्रा रोशनी कलेश की मौत का मामला अब पुलिस बनाम छात्र की लड़ाई में तब्दील हो …और पढ़ें
HighLights
- एमबीबीएस छात्रा रोशनी कलेश की मौत का मामला
- अचानक जीएमसी के गर्ल्स हॉस्टल पहुंची पुलिस
- टीम का मेडिकल छात्रों ने पुरजोर विरोध किया
भोपाल। गांधी मेडिकल कॉलेज (Gandhi Medical College) भोपाल की एमबीबीएस छात्रा रोशनी कलेश की मौत का मामला अब पुलिस बनाम छात्र की लड़ाई में तब्दील हो गया है। शुक्रवार दोपहर थाने के घेराव से नाराज पुलिस रात 11:30 बजे अचानक जीएमसी के गर्ल्स हॉस्टल (डी-ब्लाक) पहुंच गई।
बिना महिला पुलिसकर्मी और वारंट के पूछताछ करने पहुंची टीम का मेडिकल छात्रों ने पुरजोर विरोध किया। रात दो बजे तक टकराव की स्थिति बनी रही। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जूडा) और जीएमसी के विद्यार्थियों का आरोप है कि पुलिस बिना आदेश के छात्रा को जबरन थाने ले जाने की कोशिश कर रही थी।
वारंट मांगने पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उन्हें हर बार अनुमति की जरूरत नहीं होती। विवाद बढ़ने के बाद रात एक बजे महिला कांस्टेबल को बुलाया गया। जिसने छात्रा को अलग कमरे में बैठाकर करीब एक घंटे तक पूछताछ की।
सिर्फ एक छात्रा ही निशाने पर क्यों
छात्राओं का कहना है कि रोशनी के साथ 13 अन्य छात्राएं उसी प्राइवेट पीजी में रहती थीं, लेकिन पुलिस ने केवल एक छात्रा को निशाना क्यों बनाया। रोशनी की मौत के बाद से वह सदमे में हैं। ऐसे में देर रात उसे इस तरह प्रताड़ित करना अनैतिक है।
उधर, एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित का कहना है कि यह जांच की सामान्य प्रक्रिया है और केस को सुलझाने के लिए बयानों का मिलान जरूरी है। एडवोकेट प्रतीक पवार के अनुसार, बिना वारंट या पूर्व सूचना के किसी छात्रा को रात में थाने ले जाने की कोशिश कानूनी और नैतिक रूप से गलत है।
आरोपितों को बचाने साथी छात्राओं पर दबाव बना रही पुलिस
रोशनी आलीराजपुर की रहने वाली थी। स्वजन का आरोप है कि पुलिस मुख्य आरोपितों को बचाने के लिए साथी छात्राओं पर दबाव बना रही है। शुक्रवार दोपहर जनजातीय संगठनों के साथ उन्होंने कोहेफिजा थाने का घेराव भी किया था। पिता वंतर सिंह का आरोप है कि पुलिस जांच की दिशा मोड़ रही है।
जिस बाथरूम में शव मिला, उसे समय रहते सील नहीं किया गया और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की संभावना है। हालांकि, कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि रोशनी के मोबाइल से मिले संदेशों में पढ़ाई का तनाव मुख्य वजह दिख रहा है।




