भोपाल, 02 फरवरी। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल में रेल यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और तेज गति वाली सेवाएं प्रदान करने के लिए बुनियादी ढांचे (अधोसंरचना) के व्यापक उन्नयन पर जोर दिया जा रहा है। मंडल प्रबंधक पंकज त्यागी के मार्गदर्शन में इंजीनियरिंग विभाग ट्रैक के नवीनीकरण और अनुरक्षण के जरिए ‘सुरक्षा पहले’ के सिद्धांत को साकार कर रहा है। इसके तहत चल रहे विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों में पिछले नौ महीनों में उल्लेखनीय प्रगति हासिल हुई है।
किए जा रहे हैं ये प्रमुख कार्य
भोपाल मंडल में रेल मार्ग की दीर्घकालिक मजबूती और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए कई तरह के तकनीकी उन्नयन कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:
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कंप्लीट ट्रैक रिन्यूअल (सीटीआर): पूरे ट्रैक सेक्शन का संपूर्ण नवीनीकरण।
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थ्रू रेल रिन्यूअल (टीआरआर): पुरानी पटरियों (रails) को नई पटरियों से बदलना।
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थ्रू स्लीपर रिन्यूअल (टीएसआर): ट्रैक के नीचे लगी लकड़ी या कंक्रीट की स्लीपर्स का प्रतिस्थापन।
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थ्रू टर्नआउट रिन्यूअल (टीटीआर): गाड़ियों के रास्ता बदलने वाले प्वाइंट्स और क्रॉसओवर का नवीनीकरण।
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डीप स्क्रीनिंग: बैलास्ट (पत्थर) की गहरी छंटाई कर ट्रैक की नींव को मजबूत बनाना।
ये सभी कार्य उच्च सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए, निर्धारित ट्रैफिक ब्लॉक (ट्रेन रोकने का समय) के दौरान किए जा रहे हैं ताकि यात्रियों की सुविधा पर न्यूनतम असर पड़े।
नौ महीनों की ठोस उपलब्धि
वित्तीय वर्ष 2025-26 के अप्रैल से दिसंबर तक की नौ महीने की अवधि में भोपाल मंडल ने ट्रैक नवीनीकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण आंकड़े हासिल किए हैं:
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कंप्लीट ट्रैक रिन्यूअल (सीटीआर): 100.741 ट्रैक किलोमीटर पूर्ण।
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थ्रू रेल रिन्यूअल (टीआरआर): 121.23 ट्रैक किलोमीटर में नई रेल लगाई गई।
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थ्रू स्लीपर रिन्यूअल (टीएसआर): 80.245 ट्रैक किलोमीटर में स्लीपर्स बदले गए।
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थ्रू टर्नआउट रिन्यूअल (टीटीआर): 80.250 समतुल्य यूनिट्स का कार्य संपन्न।
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डीप स्क्रीनिंग: 168.391 ट्रैक किलोमीटर प्लेन ट्रैक और 55 टर्नआउट्स की गहरी छंटाई की गई।
विशेषज्ञ दृष्टिकोण: ‘टिकाऊ विकास के लिए निवेश, यात्री सुरक्षा की गारंटी’
इस व्यापक नवीनीकरण अभियान पर रेलवे एवं बुनियादी ढांचा विशेषज्ञों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
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श्री अजय सिंह, पूर्व मुख्य इंजीनियर (मंडल), पश्चिम मध्य रेलवे: “ये आंकड़े केवल किलोमीटर की संख्या नहीं, बल्कि यात्री सुरक्षा और ट्रेन परिचालन की विश्वसनीयता में सीधा निवेश हैं। सीटीआर और डीप स्क्रीनिंग जैसे कार्य ट्रैक की उम्र बढ़ाते हैं और दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करते हैं। भोपाल मंडल का यह प्रयास एक मिसाल है कि नियमित अनुरक्षण और समय पर नवीनीकरण दीर्घकालिक रूप से अधिक किफायती होता है।”
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डॉ. मीनाक्षी शर्मा, परिवहन अर्थशास्त्री: “देश की आर्थिक गति के लिए रेलवे की दक्षता महत्वपूर्ण है। एक मजबूत ट्रैक अवसंरचना उच्च गति, भारी भार और अधिक ट्रेन फ्रीक्वेंसी की अनुमति देती है, जिससे क्षमता बढ़ती है। यह कार्य रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक ठोस कदम है, जिसका लाभ यात्री सुविधा और माल ढुलाई दोनों को मिलेगा।”
निष्कर्ष:
भोपाल रेल मंडल द्वारा किया जा रहा यह व्यापक ट्रैक नवीनीकरण अभियान न केवल वर्तमान यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार कर रहा है। नियमित ट्रैफिक ब्लॉक में इन कार्यों का सम्पादन यात्रियों से सहयोग की अपेक्षा रखता है, ताकि थोड़ी असुविधा के बदले दीर्घकालिक सुरक्षा और बेहतर यात्रा अनुभव प्राप्त किया जा सके। यह पहल देश भर में रेलवे अधोसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।




