भोपाल: राजधानी के कोहेफिजा क्षेत्र में एक ऐसी शादी चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां सात फेरों से पहले ही दूल्हे के हाथों में ‘हथकड़ी’ लग गई। हनीट्रैप और फिरौती जैसे गंभीर मामलों में वांछित बदमाश आकाश नीलकंठ उर्फ ‘भूरा हड्डी’ को पुलिस ने उस वक्त दबोच लिया, जब उसके घर बारात निकलने की तैयारियां चल रही थीं। इस नाटकीय घटनाक्रम के बाद दुल्हन पक्ष और मेहमान थाने पहुँच गए, जिसके बाद घंटों हाई-वोल्टेज ड्रामा चला।

प्रमुख बिंदु (HighLights):
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खाकी का दखल: बारात निकलने से चंद घंटे पहले पुलिस ने दूल्हे (भूरा हड्डी) को किया गिरफ्तार।
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अनोखी गुहार: हाथों में मेहंदी और गले में माला पहने दुल्हन थाने पहुँची; कहा- “यहीं करवा दो शादी।”
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रिमांड पर रिसेप्शन: जिस दिन दोस्तों को दावत देनी थी, उस दिन पुलिस दूल्हे से उगलवा रही थी राज।
हल्दी और मेहंदी लगी दुल्हन पहुँची थाने
यह मामला किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। 11 मार्च को भानुपुर स्थित मैरिज गार्डन में बारात पहुँचनी थी। दुल्हन पक्ष ने स्वागत की पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन जैसे ही दूल्हे की गिरफ्तारी की खबर मिली, खुशियाँ मातम में बदल गईं।
गुरुवार को दुल्हन, जिसके चेहरे पर हल्दी और हाथों में मेहंदी लगी थी, अपने परिजनों के साथ कोहेफिजा थाने जा पहुँची। उसने पुलिस अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर गुहार लगाई:
“मुझे आकाश के आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में कुछ नहीं पता था। अब जब रस्में शुरू हो चुकी हैं, तो मुझे बस दो घंटे की मोहलत दे दीजिए या फिर थाने में ही हमारी शादी करवा दीजिए।”
कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
दूल्हे के वकील ने मानवीय आधार पर शादी की रस्में पूरी करने के लिए कोर्ट से समय मांगा था। दलील दी गई कि सामाजिक प्रतिष्ठा और रस्मों के लिए आकाश को कुछ घंटों की पैरोल दी जाए। हालांकि, हनीट्रैप और अवैध वसूली जैसे संगीन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया और आरोपी को पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
रिसेप्शन के दिन ‘रिमांड’ का सामना
लालघाटी स्थित गार्डन में 12 मार्च को जिस रिसेप्शन की भव्य तैयारियां की गई थीं, वहां सन्नाटा पसरा रहा। एक तरफ मेहमानों के लिए पकवान तैयार थे, तो दूसरी तरफ पुलिस ‘भूरा हड्डी’ से फिरौती और हनीट्रैप गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ कर रही थी।
क्या था मामला?
आकाश उर्फ भूरा हड्डी पर आरोप है कि वह एक ऐसे गिरोह का हिस्सा है जो रईस लोगों को जाल में फंसाकर उनका आपत्तिजनक वीडियो बनाता था और फिर लाखों की फिरौती वसूलता था। कोहेफिजा पुलिस लंबे समय से इसकी तलाश में थी।
निष्कर्ष: यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सबक है कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के हाथ उसकी खुशियों के बीच भी पहुँच सकते हैं। फिलहाल, दुल्हन की जिद के बावजूद पुलिस ने कानून का पालन करते हुए आरोपी को हिरासत में ही रखा है।




