भोपाल: राजधानी की क्राइम ब्रांच ने ऐशबाग क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘आलम मैरिज हॉल’ के संचालक सैय्यद आलम अली को भारी मात्रा में अवैध हथियारों और कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने शौक और रसूख के प्रदर्शन के लिए हाई-पावर हथियारों का इस्तेमाल करता था। सोमवार को पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।
प्रमुख बिंदु (HighLights):
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अवैध जखीरा: आरोपी के पास से हाई-पावर रायफल, 97 जिंदा कारतूस और 20 चले हुए खोखे बरामद।
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शिकारी कनेक्शन: 3 साल पहले इंदौर के एक कुख्यात शिकारी से खरीदे थे प्रतिबंधित हथियार।
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हर्ष फायरिंग: शादी-समारोहों और त्योहारों पर छतों से हवाई फायर कर फैलाता था दहशत।
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पारिवारिक पृष्ठभूमि: आरोपी कोहेफिजा निवासी है; परिवार मैरिज हॉल और स्कूल संचालन से जुड़ा है।
3 साल पहले इंदौर से जुड़ा था ‘अवैध नेटवर्क’
पूछताछ में आरोपी आलम अली ने कबूल किया है कि उसने करीब तीन साल पहले इंदौर के एक शिकारी से यह हाई-पावर रायफल और बड़ी संख्या में कारतूस खरीदे थे। पुलिस के अनुसार, हथियार बेचने वाला मुख्य आरोपी इंदौर में भी शिकार के मामलों में फरार चल रहा है। क्राइम ब्रांच अब उस नेटवर्क को खंगाल रही है जो शहर में इस तरह के प्रतिबंधित हथियार सप्लाई कर रहा है।
हर्ष फायरिंग का शौक पड़ा भारी: पुलिस ने जब छापेमारी की, तो मौके से बड़ी संख्या में कारतूसों के खोखे मिले। इस संबंध में आरोपी ने बताया कि वह अक्सर शादी समारोहों और अन्य उत्सवों के दौरान अपने मैरिज हॉल की छत से हवाई फायर करता था।
रसूख की आड़ में चल रहा था खेल
आरोपित सैय्यद आलम अली कोहेफिजा का निवासी है और ऐशबाग के अहाता मनकशां क्षेत्र में ‘आलम मैरिज हाल’ का संचालन करता है। उसकी माँ एक प्रतिष्ठित स्कूल (मदर मैरी) का संचालन करती हैं। रसूखदार पृष्ठभूमि होने के कारण आरोपी को लगता था कि वह कानून की नजरों से बचा रहेगा, लेकिन क्राइम ब्रांच की मुस्तैदी ने उसके इस अवैध नेटवर्क का भंडाफोड़ कर दिया।
पुलिस की आगामी रणनीति
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
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फरार आरोपी की तलाश: पुलिस की एक टीम इंदौर रवाना की गई है ताकि अवैध हथियार बेचने वाले शिकारी को दबोचा जा सके।
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नेटवर्क की जांच: पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या आलम अली ने ये हथियार किसी अन्य आपराधिक गतिविधि के लिए तो नहीं खरीदे थे।
निष्कर्ष: कानून का कड़ा संदेश
भोपाल पुलिस की यह कार्रवाई शहर में अवैध हथियारों के बढ़ते चलन और हर्ष फायरिंग करने वालों के लिए एक कड़ा सबक है। रसूख चाहे कितना भी बड़ा हो, अवैध हथियारों का प्रदर्शन सीधे जेल की सलाखों के पीछे पहुँचा सकता है।




