भोपाल। राजधानी का जिला प्रशासन अब एक ही परिसर में होगा, जिसके लिए जल्द ही नया सात मंजिला प्रशासनिक भवन बनाया जाएगा। यह काम हाउसिंग बोर्ड द्वारा रिडेवलपमेंट प्लान के तहत किया जाएगा, जिसमें कलेक्ट्रेट, कमिश्नर और आइजी ऑफिस को तोड़कर नया भवन बनाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार पुराने सचिवालय की भूमि पर 4.10 हेक्टेयर क्षेत्र में यह योजना प्रस्तावित है। इस भवन पर 283 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यहां 112 ईसीएस स्टिल्ट पार्किंग, 345 ईसीएस मल्टी-लेवल पार्किंग तथा 162 दोपहिया वाहनों की पार्किंग व्यवस्था रहेगी। कई विभागों के कार्यालय एक ही परिसर में संचालित होने से आमजन को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बिल्डिंग को आधुनिक सुविधाओं और स्मार्ट प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
पहले चरण में पुराने कलेक्ट्रेट, अभिलेखागार, अधिवक्ता हाल, पोस्ट आफिस, कृषि विभाग, महिला एवं बाल विकास समेत कई विभागों के पुराने भवनों को हटाया जाएगा। इसके बाद आधुनिक सात मंजिला प्रशासनिक भवन का निर्माण किया जाएगा। तीन मौजूदा परिसरों की 33,600 वर्गमीटर जमीन की कीमत 256.92 करोड़ आंकी गई है।
सात मंजिला भवन में रहेंगे यह कार्यालय
प्रस्तावित नय प्रशासनिक सात मंजिला भवन में एसडीएम संत हिरदाराम नगर, शहर, आइजी आफिस का प्रवेश, बीच में पार्किंग और आमजन का प्रवेश, शस्त्र शाखा, एडीएम स्टाफ, कलेक्ट्रेट डिस्पैच सेल,जनसुनवाई, लोकसेवा केंद्र, असिस्टेंट रजिस्ट्रार फर्म्स व सोसायटी, साइबर सेल तकनीकी ब्रांच, कलेक्टर और एनआइसी कार्यालय, खाद्य शाखा, कृषि, महिला एवं बाल विकास, आइजी देहात, ई-गर्वनेंस सोसायटी ,सीईओ अंतव्यवसायी, संभागायुक्त कार्यालय के जनसंपर्क अधिकारी, बैठक हाल, राजस्व मंडल, रिकार्ड रूम, भारत और राज्य निर्वाचन, गैस राहत, खाद्य आपूर्ति नियंत्रक, संभागायुक्त कार्यालय के ज्वाइंट व डिप्टी कमिश्नर सहकारिता, डीयूडीए व आत्मा और खनिज सहित अन्य के कार्यालय होंगे।




