Bhopal Breaking news Latest News MP Polictics

भोपाल में 24 घंटे में 34 साइबर ठगी के केस: ई-जीरो एफआईआर से खुला अपराध का आंकड़ा, डेढ़ करोड़ की ठगी

भोपाल। मध्य प्रदेश में ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था लागू होने के बाद साइबर अपराध के असली आंकड़े सामने आने लगे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि भोपाल शहर में मंगलवार-बुधवार को मात्र 24 घंटे के अंदर साइबर ठगी के 34 मामले दर्ज किए गए, जबकि वर्ष 2025 में पूरे साल भर शहर के 34 थानों में मिलाकर केवल 26 मामले दर्ज हुए थे। यानी एक दिन में उतने केस दर्ज हुए, जितने पूरे साल में भी नहीं हुए थे। हालांकि पुलिस का दावा है कि यह अपराध में बढ़ोतरी नहीं, बल्कि बेहतर रिपोर्टिंग सिस्टम का नतीजा है।

क्विक रीड

24 घंटे में 34 एफआईआर: भोपाल में मंगलवार-बुधवार को साइबर ठगी के 34 मामले दर्ज हुए। साल भर का आंकड़ा पार: 2025 में पूरे साल केवल 26 मामले हुए थे, अब 24 घंटे में ही उससे ज्यादा केस। डेढ़ करोड़ की ठगी: 34 मामलों में कुल लगभग 1.5 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई। ई-जीरो एफआईआर का असर: 1930 हेल्पलाइन और नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल से तुरंत एफआईआर दर्ज होने से आंकड़े बढ़े। बड़ी ठगी की वारदात: शेयर ट्रेडिंग, निवेश, पार्ट टाइम जॉब, बिजली अधिकारी बनकर ठगी के मामले शामिल।

एक नजर आंकड़ों पर

वर्ष 2025 में कुल केस 26, 24 घंटे में केस 34, कुल ठगी की राशि करीब 1.5 करोड़ रुपये, प्रमुख थाने मिसरोद, बागसेवनिया, पिपलानी, ऐशबाग, हबीबगंज।

क्यों बदली तस्वीर?

पहले साइबर ठगी के शिकार लोग जटिल प्रक्रिया, थाना क्षेत्राधिकार की उलझन और रकम वापस मिलने की अनिश्चितता के कारण शिकायत दर्ज कराने से कतराते थे। लेकिन अब ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था लागू होने से यह प्रक्रिया आसान हो गई है: 1930 हेल्पलाइन पर कॉल कर शिकायत, राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत, तुरंत एफआईआर दर्ज, फिर संबंधित थाने को ट्रांसफर, समय रहते बैंक खाते फ्रीज कर रकम बचाने की कोशिश।

बड़ी ठगी की वारदातें

निवेश पर मोटा मुनाफा: 71 वर्षीय राजेश जैन से 50 लाख की ठगी

पीड़ित राजेश जैन, साकेत नगर (71 वर्ष) हैं। 20 अक्टूबर 2025 से ठगी की शुरुआत हुई। मोडस ऑपरेंडी के तहत ‘यस सिक्योरिटीज’ नामक वाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, निवेश पर भारी मुनाफे के स्क्रीनशॉट दिखाए गए। शुरू में 60 हजार रुपये निकालने दिए गए, जिससे भरोसा बढ़ा। ठगी की रकम 50,98,675 रुपये है। आगे की मांग में 35 लाख रुपये कैपिटल गेन टैक्स के नाम पर मांगे गए, तब जाकर ठगी का पता चला।

विदेशी ट्रेडिंग: शिवम कटियार से 23 लाख की ठगी

पीड़ित शिवम कटियार, नेहरू नगर हैं। तरीके में सोशल मीडिया पर युवती ने संपर्क किया, टेलीग्राम पर जोड़ा, निवेश पर रकम डबल करने का झांसा दिया गया। दो महीने में किश्तों में रकम ट्रांसफर कराई गई।

एमपीईबी अधिकारी बनकर ठगी

पीड़ित प्रेमचंद जैन, बागसेवनिया हैं। एमपीईबी अधिकारी बनकर कंज्यूमर नंबर अपडेट के नाम पर 12 रुपये भुगतान का झांसा दिया गया, एप डाउनलोड कराकर खाते से रकम निकाली गई। ठगी की रकम 2,12,944 रुपये है।

एपीके फाइल से खाता खाली

पीड़ित नंद किशोर यादव हैं। बिजली कनेक्शन अपडेट के नाम पर एपीके फाइल भेजी गई, डाउनलोड करते ही खाते से रकम निकल गई। ठगी की रकम करीब 3.66 लाख रुपये है।

इन थानों में दर्ज हुए मामले

बागसेवनिया, मिसरोद, ऐशबाग, हबीबगंज, पिपलानी, अशोका गार्डन, कमला नगर सहित कई थाना क्षेत्रों में ये मामले दर्ज किए गए हैं। ठगों के तरीकों में शामिल हैं: शेयर ट्रेडिंग पर ऊंचा रिटर्न का लालच, पार्ट टाइम जॉब के नाम पर ठगी, आईपीओ निवेश का झांसा, बिजली या पानी या गैस कनेक्शन अपडेट के नाम पर एपीके फाइल भेजना, लोन ऐप और ओटीपी फ्रॉड।

पुलिस की अपील

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है: किसी भी अनजान लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें, निवेश पर अत्यधिक मुनाफे का झांसा देने वालों से सतर्क रहें, किसी भी सरकारी विभाग के अधिकारी बनकर फोन करने वालों पर भरोसा न करें, तुरंत शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन या साइबर क्राइम पोर्टल पर संपर्क करें।

क्या कहते हैं आंकड़े?

2025 में पूरे साल भर में 26 मामले दर्ज हुए, जबकि 2026 में सिर्फ 24 घंटे में 34 मामले दर्ज हुए। यह आंकड़ा साफ करता है कि पहले साइबर ठगी के कितने मामले दर्ज ही नहीं हो पाते थे। अब ई-जीरो एफआईआर से शिकायत प्रक्रिया आसान हुई है तो असली तस्वीर सामने आ रही है।

Please follow and like us:
Pin Share

Leave a Reply