Bhopal Breaking news Latest News MP Polictics

गार्ड-माली उपलब्ध कराने वाली कंपनी से अधिकारी भी मांग रही MP सरकार

 

भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग गार्ड और माली जैसे कर्मचारी उपलब्ध कराने वाली कंपनी से अपने लिए अधिकारी भी मंगा रहा है। ऐसे आठ अधिकारियों को आउटसोर्स के नाम पर लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) और राज्य शिक्षा केंद्र में नियुक्त किया गया है।

मजेदार यह है कि इन अधिकारियों को वही कार्यालय दिया गया है, जहां से वे एक-दो दिन पहले सेवानिवृत्त हुए थे। इस साल स्कूल शिक्षा विभाग के करीब 20 उच्च स्तर के अधिकारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इसमें पांच अपर संचालक, एक संचालक, छह सहायक संचालक और आठ उप संचालक शामिल हैं।

सबसे अधिक लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) और राज्य शिक्षा केंद्र (आरएसके) उच्च स्तर के अधिकारी सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इसके बाद डीपीआइ व आरएसके में पांच अपर संचालक कम हो जाएंगे। विभाग भी उनको उपकृत कर रहा है।

4 सेवानिवृत्त को राज्य ओपन बोर्ड में और 8 को डीपीआइ में रखा गया

चार सेवानिवृत्त अधिकारियों को राज्य ओपन बोर्ड में और आठ अधिकारियों को डीपीआइ में आउटसोर्स करके रख भी लिया गया है। दरअसल, ओम पारस मैन पावर सर्विस एक सुरक्षाकर्मी, कंप्यूटर ऑपरेटर, हाउस कीपिंग एंड गार्डन मेंटेनेंस के लिए कर्मचारी उपलब्ध कराने वाली कंपनी है।

डीपीआइ ने कुछ दिनों पहले इस एजेंसी को आठ सेवानिवृत्त अधिकारियों का नाम लिखकर बकायदा प्रोजेक्ट एक्जीक्यूटिव मांगा। कंपनी की मांग पर उनको नियुक्त कर कार्यालय की जिम्मेदारी सौंप दी।

पीएमयू प्रोजेक्ट में रखा गया है

जिन अधिकारियों को इस तरह नियुक्ति दी गई है उसमें बृजभूषण सक्सेना, अशोक कुमार दीक्षित, राजकुमार जैन, मदन मोहन पांडेय, हेमंत शर्मा, रविकांत जैन, प्रदीप कुमार श्रीवास्तव व नीलकंठ ढगे का नाम शामिल है। इन्हें पीएमश्री योजना के अंतर्गत सतत मॉनिटरिंग के लिए गठित पीएमयू प्रोजेक्ट में रखा गया है।

राज्य ओपन बोर्ड में पहले से ऐसी तैनाती

राज्य ओपन बोर्ड में पांच अधिकारी रखे गए हैं और पद भी सहायक संचालक के दिए गए हैं। आरएसके से सेवानिवृत्त होकर रमाकांत वैद्य, रमांकात तिवारी, सच्चिदानंद प्रसाद, विनय शंकर तिवारी व केएस करंजिया को बोर्ड में सहायक संचालक बनाया गया है।

सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति का मामला लंबित होने के कारण विभाग आउटसोर्स पर रख सकता है। खाली पदों को आउटसोर्स पर भरने का प्रयास किया जा रहा है। भर्ती नियमों के तहत की जा रही है।

-डॉ. संजय गोयल, सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग

विभाग को खाली पदों पर संविदा के आधार पर अधिकारियों को रखने का प्रविधान तो है, लेकिन विभाग आउटसोर्स पर ऐसी नियुक्तियां करके केवल अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।

डीएस राय, शिक्षाविद

Please follow and like us:
Pin Share

Leave a Reply