भोपाल। हवाई सफर पर भी युद्ध का साया मंडराने लगा है। अब सस्ते किराये में टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। एटीएफ के दाम बढ़ने के कारण एयर इंडिया के बाद इंडिगो ने भी ईधन अधिभार लगाना शुरू कर दिया है। इस बार एयरलाइंस कंपनियों ने लो फेयर स्कीम भी जारी नहीं की गई है। भोपाल से हैदराबाद, बेंगलुरु एवं पुणे तक मनमाना किराया लिया जा रहा है।
मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण क्रूड यानी कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे हैं। इसी कारण एयर टर्बाइन फ्यूल के दाम बढ़ गए हैं। दो दिन पहले एयर इंडिया ने अंतराष्ट्रीय रूट पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की घोषणा की थी। अब डोमेस्टिक उड़ानों पर सरचार्ज लगना शरू हो गया है। देश की प्रमुख एयरलाइंस इंडिगो ने 425 रूपये से 2300 रुपये तक फ्यूल सरचार्ज लगाना शुरू किया है। इसका असर किराये में बढ़ोतरी के रूप में यात्रा करने वालों पर ही पड़ेगा।
लो-फेयर स्कीम का लाभ नहीं
आमतौर पर एयरलाइंस कंपनियां होली के कुछ समय बाद लो फेयर स्कीम जारी करती हैं। इसके तहत 30 दिन से अधिक समय पहले बुकिंग कराने पर सस्ते टिकट मिलते हैं। इस बार युद्ध के माहौल के कारण किसी भी कंपनी ने ऐसी स्कीम जारी नहीं की है। भोपाल से वर्तमान में एयर इंडिया एवं इंडिगो दो ही एयरलाइंस ऑपरेटर हैं। दोनों ने किराये में बढ़ोतरी की है।
एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी का कहना है कि किराया तय करना एयरलाइंस का अधिकार है। वैश्विक परिस्थितियों के अनुसार किराया तय किया जाता है। कई बार बुकिंग कम होने पर किराया कम कर दिया जाता है। बुकिंग बढ़ने पर अंतिम समय में किराया बढ़ भी जाता है। भोपाल से इंडिगो की सर्वाधिक 14 जोड़ी उड़ाने हैं। एयर इंडिया तीन जोड़ी उड़ानों का संचालन कर रहा है।




