नई दिल्ली: आईपीएल 2026 के लिए बिगुल बज चुका है और दिल्ली कैपिटल्स ने अपनी रक्षापंक्ति (फील्डिंग) को मजबूत करने के लिए आयरलैंड के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर जॉन मूनी (John Mooney) को अपना नया फील्डिंग कोच नियुक्त किया है। फ्रेंचाइजी ने सोशल मीडिया पर “Adding some Irish steel to the Dilli defence” कैप्शन के साथ इस खबर की पुष्टि की है।
प्रमुख बिंदु (HighLights):
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नया कोच: आयरलैंड के पूर्व ऑलराउंडर जॉन मूनी को मिली फील्डिंग की जिम्मेदारी।
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अनुभव का खजाना: मूनी का 9 साल का अंतरराष्ट्रीय करियर दिल्ली के युवाओं के काम आएगा।
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अक्षर की कप्तानी: ऋषभ पंत के जाने के बाद अक्षर पटेल दूसरे सीजन में भी टीम की कमान संभालेंगे।
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पिछले सीजन का हिसाब: 2025 में 14 में से केवल 7 मैच जीत पाई थी दिल्ली, प्लेऑफ से रही थी दूर।
कौन हैं जॉन मूनी? (प्रोफाइल और करियर)
आयरलैंड के क्रिकेट इतिहास में जॉन मूनी एक जुझारू खिलाड़ी के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने 2006 से 2015 के बीच आयरलैंड का प्रतिनिधित्व किया।
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वनडे रिकॉर्ड: 963 रन और 48 विकेट।
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टी20 अंतरराष्ट्रीय: 231 रन और 10 विकेट।
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खासियत: मूनी अपनी शानदार फील्डिंग और ऊर्जा के लिए जाने जाते थे, जो अब दिल्ली के खिलाड़ियों में ‘आयरिश स्टील’ बनकर झलकेगी।
ऋषभ पंत के बिना दिल्ली का नया दौर
दिल्ली कैपिटल्स के लिए 2025 का सीजन एक ऐतिहासिक टर्निंग पॉइंट था।
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पंत की विदाई: फ्रेंचाइजी ने अपने सबसे चहेते खिलाड़ी और नियमित कप्तान ऋषभ पंत को रिलीज कर दिया था।
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अक्षर का उदय: पंत की जगह अक्षर पटेल को कप्तानी सौंपी गई।
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पंत अब नवाब: ऋषभ पंत अब लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) की कप्तानी कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि पिछले सीजन में पंत की लखनऊ और अक्षर की दिल्ली, दोनों ही प्लेऑफ तक नहीं पहुँच सकी थीं।
क्या जॉन मूनी बदलेंगे दिल्ली की किस्मत?
पिछले सीजन में दिल्ली ने 14 में से 6 मैच गंवाए थे और एक बेनतीजा रहा था। करीबी मैचों में फील्डिंग की गलतियां टीम को भारी पड़ी थीं। जॉन मूनी की नियुक्ति इसी कमी को दूर करने के लिए की गई है। दिल्ली का लक्ष्य इस बार टॉप-4 में जगह बनाकर खिताब के सूखे को खत्म करना है।
हॉट टॉपिक: अजीत अगरकर की ‘अनोखी’ मांग
इसी बीच क्रिकेट गलियारों में चर्चा है कि टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने बीसीसीआई (BCCI) के सामने एक खास मांग रखी है। माना जा रहा है कि यह मांग घरेलू क्रिकेट के ढांचे और खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट से जुड़ी है। अब देखना होगा कि बोर्ड इस पर क्या फैसला लेता है।
निष्कर्ष: दिल्ली कैपिटल्स अब ‘बदलाव’ के मोड़ से निकलकर ‘स्थिरता’ की ओर बढ़ रही है। जॉन मूनी का टीम के साथ जुड़ना फील्डिंग यूनिट के लिए एक बूस्टर डोज साबित हो सकता है।




