दुबई/मुंबई: आईपीएल की नीलामी (Auction) में खिलाड़ियों की अदला-बदली एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन कुछ खिलाड़ियों के लिए यह सफर किसी वर्ल्ड टूर से कम नहीं रहा। ऑस्ट्रेलिया के आरोन फिंच से लेकर भारत के जयदेव उनादकट तक, इन सितारों ने लीग की लगभग हर बड़ी टीम का प्रतिनिधित्व किया है।
1. आरोन फिंच: 9 टीमों के साथ ‘विश्व रिकॉर्ड’
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान आरोन फिंच इस लिस्ट में निर्विवाद रूप से टॉप पर हैं। फिंच ने आईपीएल में कुल 9 अलग-अलग टीमों के लिए ओपनिंग की है।
-
टीमें: राजस्थान, दिल्ली, पुणे वॉरियर्स, हैदराबाद, मुंबई, गुजरात लायंस, पंजाब, RCB और KKR।
-
खास बात: फिंच का इतनी टीमें बदलना उनकी उपयोगिता और हर टीम की जरूरत को दर्शाता है।
2. जयदेव उनादकट: भारतीय ‘सफरनामा’ (8 टीमें)
सौराष्ट्र के तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट भारतीय खिलाड़ियों में सबसे ज्यादा टीमें बदलने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने अब तक 8 फ्रेंचाइजी के लिए गेंदबाजी की है।
-
टीमें: KKR, RCB, दिल्ली, पुणे सुपरजायंट, राजस्थान, मुंबई, लखनऊ और फिलहाल सनराइजर्स हैदराबाद।
प्रमुख खिलाड़ियों का ‘फ्रेंचाइजी’ सफर
| खिलाड़ी | टीमों की संख्या | प्रमुख टीमें |
| आरोन फिंच | 9 | RR, MI, RCB, KKR, PBKS, DC… |
| जयदेव उनादकट | 8 | SRH, LSG, MI, RR, RPS, DC… |
| मनीष पांडे | 7 | MI, RCB, KKR, SRH, LSG, DC… |
| दिनेश कार्तिक | 6 | DC, PBKS, MI, RCB, GL, KKR |
| युवराज सिंह | 6 | PBKS, PWI, RCB, DC, SRH, MI |
3. मनीष पांडे: 7 टीमों का भरोसा
आईपीएल में शतक जड़ने वाले पहले भारतीय मनीष पांडे ने भी 7 अलग-अलग टीमों का सफर तय किया है। मिडिल ऑर्डर में उनकी मजबूती के कारण टीमें उन्हें बार-बार नीलामी में अपने साथ जोड़ती रही हैं।
4. दिनेश कार्तिक और युवराज सिंह: अनुभव का पावरहाउस
-
दिनेश कार्तिक (6 टीमें): ‘डीके’ ने न केवल 6 टीमों के लिए खेला, बल्कि विकेटकीपिंग और फिनिशर के तौर पर अपनी एक अलग पहचान बनाई।
-
युवराज सिंह (6 टीमें): क्रिकेट के दिग्गज युवी भी 6 अलग-अलग जर्सी में नजर आए। सनराइजर्स हैदराबाद के साथ उन्होंने खिताबी जीत का स्वाद भी चखा।
वायरल कॉर्नर: विराट का नया लुक और सानिया की कहानी
-
विराट कोहली: आईपीएल 2026 के आगाज़ से पहले विराट कोहली का नया हेयरस्टाइल और कूल लुक सोशल मीडिया पर आग लगा रहा है। फैंस इसे उनका ‘चैंपियन अवतार’ बता रहे हैं।
-
सानिया मिर्जा: यूएई से भारत लौटीं सानिया मिर्जा ने हाल ही में फाइटर जेट्स की गूँज और अपने बेटे के मासूम सवालों से जुड़ी एक डरावनी और भावुक कहानी साझा की है, जो चर्चा का विषय बनी हुई है।
निष्कर्ष: इतनी टीमें बदलना जहाँ खिलाड़ी के ‘मार्केट वैल्यू’ को दिखाता है, वहीं यह टीम मैनेजमेंट की बदलती रणनीतियों का भी हिस्सा है।




