कर्नल सोफिया कुरैशी पर असभ्य टिप्पणी करने वाले मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह के मामले में प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याच …और पढ़ें

मंत्री विजय शाह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का आदेश। फाइल फोटो
HighLights
- एसआइटी ने बंद लिफाफे में रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट सौंपी
- सरकार पुनर्विचार याचिका दायर करने पर विचार कर रही
- हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर जांच का निर्देश दिया
भोपाल: सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को 15 दिनों में मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन के निर्णय के लिए निर्देश दिया था। एसआइटी ने मामले की जांच पूरी कर बंद लिफाफे में रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी थी।
सरकार के कदम और पुनर्विचार याचिका की संभावना
मंत्री से जुड़ी फाइल का मंत्रालय के अधिकारी अवलोकन कर रहे हैं। प्रदेश सरकार महाधिवक्ता कार्यालय और विधि एवं विधायी विभाग से परामर्श लेकर पुनर्विचार याचिका दायर करने पर विचार कर रही है। यदि याचिका दायर की जाती है, तो इससे राहत मिलने की संभावना सीमित मानी जा रही है।
पृष्ठभूमि: हाई कोर्ट की कार्रवाई और एसआइटी जांच
मंत्री विजय शाह की असभ्य टिप्पणी का मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया और एसआइटी जांच का निर्देश दिया। सरकार ने जांच के लिए एसआइटी गठित की थी। मंत्री शाह ने अपने बयान के लिए कई बार माफी मांगी, लेकिन न्यायालय इससे संतुष्ट नहीं है।
अभियोजन और नैतिक जिम्मेदारी
विशेष जांच दल ने गृह विभाग को अभियोजन के लिए फाइल भेज दी है। पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता अजय मिश्रा के अनुसार, सरकार के पास विकल्प सीमित हैं। मामला मंत्री के पदीय दायित्व से जुड़ा नहीं है, इसलिए उनके त्यागपत्र का मामला नैतिकता से संबंधित है।
मंत्री की अपनी याचिका की संभावना
मंत्री विजय शाह भी अपने स्तर पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सकते हैं। सरकार और विधि विभाग इस विषय पर अंतिम निर्णय लेने के लिए परामर्श कर रहे हैं।




