डिजिटल डेस्क, भोपाल/खजुराहो। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो में शुक्रवार से भारतीय शास्त्रीय नृत्य के महाकुंभ ’52वें खजुराहो नृत्य समारोह’ का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि खजुराहो हमारी राष्ट्रीय धरोहर है और यह एक ऐसा अद्भुत स्थान है जहां के पत्थरों में भी प्राण बसते हैं। इस वर्ष का यह सात दिवसीय आयोजन भगवान नटराज (शिव) को समर्पित किया गया है।
पंचतत्वों का आह्वान और शिव के स्वप्न
समारोह के पहले दिन दिल्ली की सुश्री मैत्रेयी पहाड़ी और उनके दल ने ‘प्रतिष्ठा: शाश्वत तत्वों का आह्वान’ कथक नृत्य नाटिका पेश की। इसमें पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश जैसे पंचतत्वों को नृत्य के माध्यम से जीवंत किया गया। इसके बाद चेन्नई की अनुराधा वेंकटरमन ने भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी, जिसमें उन्होंने ‘स्वप्न में शिव’ के विभिन्न रूपों का मनमोहक चित्रण किया। वहीं, भुवनेश्वर की शुभदा वरडाकर ने ओडिसी नृत्य के जरिए आदि शंकराचार्य के अद्वैत वेदांत ‘शिवोऽहम्’ की दार्शनिक प्रस्तुति दी।
भास्कर खास: समारोह की बड़ी बातें
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बजट में बढ़ोत्तरी: सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार कला और सनातन संस्कृति को जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है, इसलिए संस्कृति विभाग के बजट में वृद्धि की गई है।
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4 पुस्तकों का विमोचन: राज्य मंत्री धर्मेंद्र लोधी और सांसद वी.डी. शर्मा ने ‘नटराज’, ‘बुंदेली इतिहास’, ‘कॉफी टेबल बुक’ और ‘बुंदेलखंड की विरासत’ नामक पुस्तकों का विमोचन किया।
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नटराज को समर्पित: इस साल का आयोजन पूरी तरह भगवान शिव (नटराज) की महिमा पर केंद्रित है।
“प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर हम आदि संस्कृति और सनातन को जोड़ रहे हैं। खजुराहो के मंदिर केवल इमारतें नहीं, बल्कि कलाओं का संगम हैं।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री
आज क्या होगा खास? (21 फरवरी, शनिवार)
समारोह के दूसरे दिन शाम 6:30 बजे से इन कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी:
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विश्वदीप (दिल्ली) – कथक नृत्य
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प्रभात मेहतो (झारखंड) – छाऊ नृत्य
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अक्मारल काइना रोवा (कजाकिस्तान) – भरतनाट्यम




