MP News: प्रदेश के सरकारी और निजी कॉलेजों में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने सभी …और पढ़ें

अब कॉलेजों में हेल्पलाइन और काउंसलर होंगे अनिवार्य (AI Generated)
HighLights
- विद्यार्थियों को तनाव के समय तुरंत सहायता देने के लिए विशेष सेल
- हेल्पलाइन नंबर और मेडिकल सुविधा की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करनी होगी
- इससे आपात स्थिति में विद्यार्थियों को तत्काल इलाज मिल सकेगा
भोपाल। प्रदेश के सरकारी और निजी कॉलेजों में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने सभी शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके तहत अब सभी कॉलेजों में काउंसलरों की नियुक्ति की जाएगी। संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करना होगा। प्रत्येक कॉलेज में प्रोफेशनल काउंसलर की नियुक्ति के अलावा मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए विशेष सेल बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस पहल का उद्देश्य कॉलेज स्तर पर ऐसा सुरक्षित वातावरण तैयार करना है, जहां विद्यार्थी बिना डर या झिझक के सहायता ले सकें। इससे पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर उच्च शिक्षण संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता को अनिवार्य करने पर जोर दिया गया है।
अब कॉलेज परिसरों, हास्टलों, नोटिस बोर्ड और प्रमुख स्थानों पर टेली मानस (14416), उमंग हेल्पलाइन (14425) तथा आपातकालीन नंबर 112 को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि किसी भी तनाव या संकट की स्थिति में विद्यार्थियों को तुरंत मदद मिल सके। टेली मानस और उमंग जैसी सेवाएं युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी और परामर्श उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई हैं।
अस्पतालों से अनुबंध करना होगा
इसके अलावा, संस्थानों को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करनी होगी, जहां कॉलेज परिसर में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, वहां एक किमी के दायरे में अस्पताल से अनुबंध करना अनिवार्य रहेगा। इससे आपात स्थिति में विद्यार्थियों को तत्काल उपचार मिल सकेगा।
आठ माह से उमंग हेल्पलाइन सेवा बंद
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से कोविड काल में यूनाइडेट नेशंस पापुलेंस फंड (यूएनएफपीए) के सहयोग से उमंग हेल्पलाइन (14425) सेवा विद्यार्थियों की मनोविज्ञानी काउंसलिंग के लिए शुरू की गई थी। इसका टेंडर जून 2025 में खत्म हो गया है। इसके बाद विभाग ने अभी तक टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं की है। हालांकि यूएनएफपीए के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र से बजट स्वीकृत कराकर अप्रैल से इस हेल्पलाइन शुरू किया जाएगा।
कॉलेज स्तर पर काउंसलिंग और हेल्पलाइन व्यवस्था से विद्यार्थियों में बढ़ते तनाव, परीक्षा दबाव और व्यक्तिगत समस्याओं से निपटने में मदद मिलेगी। इसका उद्देश्य केवल समस्या होने पर समाधान देना ही नहीं, बल्कि छात्रों में जागरूकता बढ़ाकर मानसिक रूप से स्वस्थ शैक्षणिक माहौल बनाना भी है- प्रबल सिपाहा, आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग।




