भोपाल। रहमतों, बरकतों और मगफिरत का पवित्र महीना रमजान शहर भोपाल में पूरे धार्मिक उल्लास और एहतराम के साथ शुरू हो गया है। बुधवार को शाही मोती मस्जिद में आयोजित रुअत-ए-हिलाल कमेटी की बैठक में चांद दिखने की तस्दीक होते ही पूरे शहर में खुशी की लहर दौड़ गई। शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने औपचारिक एलान करते हुए कहा कि बुधवार रात से तरावीह की नमाज अदा की जाएगी और गुरुवार (19 फरवरी) को रमजान का पहला रोजा रखा जाएगा।
मस्जिदों से गूंजा ऐलान, माहौल हुआ मगफिरती
शहर काजी के एलान के बाद शहर भर की मस्जिदों से रमजान की आमद की खुशखबरी दी गई। कई इलाकों में रमजान के स्वागत में पटाखे और आतिशबाजी की गई। मोती मस्जिद से तीन राकेट छोड़े गए, जो चांद दिखने की आधिकारिक सूचना का जरिया बने। इसके बाद मुस्लिम बहुल इलाकों में एक अलग ही रौनक देखने को मिली। लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर, मिठाइयां बांटकर और सोशल मीडिया पर मुबारकबाद देकर इस पाक महीने का स्वागत किया।
तरावीह का सिलसिला शुरू, मस्जिदें हुईं गुलजार
बुधवार रात भोपाल की सभी मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा की गई। मस्जिदों में रौनक देखते ही बन रही थी। कुरआन की तिलावत और नमाजियों की भीड़ ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक बना दिया। शहर की अलग-अलग मस्जिदों में 5 से लेकर 27 राकात तरावीह का इंतजाम किया गया है। रमजान की पहली रात ही मस्जिदों में इबादत करने वालों का तांता लग गया।
रोजेदारों के लिए सहूलियत, बाजारों में चहल-पहल
चांद दिखने की खबर के साथ ही शहर के पुराना भोपाल इलाके के बाजारों में रौनक लौट आई। जुमेराती, मंगलवारा, लक्ष्मी टॉकीज, जहांगीराबाद, काजी कैंप और बुधवारा बाजार में अफ्तारी की तैयारियों को लेकर भीड़ उमड़ी। खजूर, फल, इत्र, टोपी और विशेष अफ्तार सामग्री की दुकानों पर खासी खरीदारी देखी गई। तरबूज, खरबूजा, केला, अंगूर और नारियल पानी की डिमांड को देखते हुए फल विक्रेताओं ने विशेष इंतजाम किए हैं।
गैर रोजेदारों के लिए भी इंतजाम, बरकरार है सद्भाव
शहर के होटलों और ढाबों पर पर्दों का खास इंतजाम किया गया है, ताकि गैर रोजेदार बिना किसी झिझक के खाना खा सकें और रोजेदारों के एहतराम का भी पूरा ख्याल रखा जा सके। यह तस्वीर भोपाल की गंगा-जमुनी तहजीब और सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल पेश करती है।
उलेमाओं ने दी नेकियां कमाने की अपील
उलेमा-ए-किराम ने रोजेदारों से अपील की है कि वे इस महीने की हर घड़ी की कद्र करें। नमाज, तिलावत, जिक्र और दुआओं के साथ-साथ जरूरतमंदों की मदद और जकात-फितरा अदा करने पर भी जोर दें। उन्होंने कहा कि रमजान महीना सब्र और शुक्र का है, इसे आपसी भाईचारे और अमन-ओ-शांति के साथ गुजारा जाए।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सर्वधर्म सद्भावना मंच ने भी शहरवासियों को रमजान की मुबारकबाद दी है और इस पवित्र महीने में आपसी एकता और भाईचारे को मजबूत करने की अपील की है।




