भोपाल: मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (एमपीईएसबी) द्वारा जारी वर्ष 2026 के परीक्षा कैलेंडर में एक बार फिर से उच्च माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-1) की पात्रता परीक्षा को शामिल नहीं किया गया है। इससे भोपाल समेत पूरे प्रदेश के हजारों अभ्यर्थी निराश हैं, जो बीएड पूरा करने के बाद भी इस परीक्षा में बैठने का अवसर पाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
प्रमुख बिंदु:
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वर्ग-1 परीक्षा का आठ साल में केवल दो बार ही आयोजन: 2018 और 2023 में हुई इस परीक्षा के माध्यम से कुल मिलाकर लगभग 15,000 पदों पर ही भर्ती हुई है।
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खाली पदों की बड़ी संख्या: राज्य के सरकारी स्कूलों में वर्ग-1 के लिए स्वीकृत लगभग 42,000 पदों में से लगभग 21,000 पद अभी भी रिक्त हैं। कई मुख्य विषयों के आधे से अधिक शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं।
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अभ्यर्थियों की मांग: अभ्यर्थी चाहते हैं कि वर्ग-1 की पात्रता परीक्षा प्रतिवर्ष आयोजित की जाए, ताकि योग्य उम्मीदवारों को नियमित अवसर मिल सके और भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
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विभागीय रुख: एमपीईएसबी का कहना है कि परीक्षा का आयोजन स्कूल शिक्षा विभाग की मांग पर ही किया जाता है।
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इस साल की योजना: वर्ष 2026 में वर्ग-2 (माध्यमिक) और वर्ग-3 (प्राथमिक) शिक्षक पात्रता परीक्षा जुलाई-अगस्त में आयोजित की जाएगी, जिसके माध्यम से लगभग 30,000 पद भरने का लक्ष्य है।
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मंत्री का बयान: स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि इस साल सरकारी स्कूलों में 30,000 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी, जिसमें सभी वर्ग शामिल होंगे।
भोपाल के अभ्यर्थियों के लिए चिंता: यह निर्णय विशेष रूप से भोपाल के उन असंख्य शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है, जो राजधानी में कोचिंग व तैयारी कर रहे हैं और वर्ग-1 में उच्च माध्यमिक स्तर पर पढ़ाने के अपने सपने को साकार करने के लिए प्रतीक्षारत हैं। उनकी मांग है कि शीघ्र ही वर्ग-1 की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।




