Bhopal Breaking news Latest News MP Polictics

MP का ‘लोकपथ एप-2’ गूगल मैप्स को देगा टक्कर, ब्लैक स्पॉट पर देगा ऑडियो अलर्ट, सीएम मोहन यादव करेंगे लोकार्पण

 

Lokpath App2: मध्य प्रदेश में सड़क यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है। विभाग ने ‘लोकपथ …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 09 Jan 2026 11:04:57 PM (IST)Updated Date: Fri, 09 Jan 2026 11:04:57 PM (IST)

MP का 'लोकपथ एप-2' गूगल मैप्स को देगा टक्कर, ब्लैक स्पॉट पर देगा ऑडियो अलर्ट, सीएम मोहन यादव करेंगे लोकार्पण

MP का ‘लोकपथ एप-2’ गूगल मैप्स को देगा टक्कर।

HighLights

  1. हाइवे पर 200 मीटर पहले मिलेगा दुर्घटना क्षेत्र का अलर्ट
  2. एमपी के लोकपथ एप-2 में शामिल हुए 450 ब्लैक स्पॉट
  3. एप-2 के जरिए इंजीनियरों की जवाबदेही तय करेगी सरकार

भोपाल। मध्य प्रदेश में सड़क यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है। विभाग ने ‘लोकपथ एप-2’ तैयार किया है, जिसे गूगल मैप से भी बेहतर और सूचनात्मक बताया जा रहा है। इस एप का औपचारिक लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को लोक निर्माण विभाग के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में करेंगे।

तकनीक और सुरक्षा का अनूठा संगम

गुजरात के भास्कराचार्य संस्थान के सहयोग से विकसित यह एप देश में किसी राज्य द्वारा किया गया अपनी तरह का पहला प्रयोग है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की विशेष रुचि से तैयार इस एप का मुख्य उद्देश्य न केवल यात्रियों को रास्ता दिखाना है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करना भी है। इस एप में प्रदेश के सभी नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और मुख्य जिला मार्गों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध होगी।

 

ब्लैक स्पॉट अलर्ट: गूगल मैप से एक कदम आगे

लोकपथ एप-2 की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘सेफ्टी फीचर’ है। प्रदेश के 142 हाईवे पर चिन्हित किए गए 450 से अधिक ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) को इसमें शामिल किया गया है। यात्रा के दौरान यह एप दुर्घटना क्षेत्र से एक किलोमीटर पहले ही चालक को अलर्ट देगा कि गति नियंत्रित कर लें। जब दूरी मात्र 200 मीटर रह जाएगी, तो एप दोबारा चेतावनी देगा। यह सुविधा वर्तमान में गूगल मैप में उपलब्ध नहीं है।

पर्यटन, धर्म और आपातकालीन सेवाओं की गाइड

रास्ते के अलावा, यह एप यात्रियों के लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका (Guide) के रूप में कार्य करेगा। इसमें प्रसिद्ध धार्मिक व पर्यटन स्थलों के साथ-साथ नजदीकी अस्पताल, थाना, होटल और टोल प्लाजा की जानकारी मिलेगी। विशेष बात यह है कि यात्रियों को टोल प्लाजा पर लगने वाली दरों (Toll Rates) का भी पहले से पता चल सकेगा। आपात स्थिति में यूजर सीधे एप के जरिए एंबुलेंस या 911 पर कॉल कर सकेंगे। एप यह भी बताएगा कि हादसे की स्थिति में सबसे नजदीकी अस्पताल कौन सा है और वहां पहुंचने का सबसे छोटा रास्ता क्या है।

आमजन की भागीदारी और इंजीनियरों की जवाबदेही

एप के माध्यम से आम नागरिक भी सड़कों की गुणवत्ता पर नजर रख सकेंगे। यदि सड़क या पुल में कोई समस्या दिखती है, तो मौके से फोटो खींचकर एप पर अपलोड की जा सकती है। इसके समाधान के लिए इंजीनियरों की समयसीमा (Deadline) निर्धारित की गई है, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

इंजीनियरों का प्रशिक्षण और क्षमता विकास

शनिवार को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेशभर के 1,500 से अधिक इंजीनियर शामिल होंगे। इस अवसर पर ‘कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क’ दस्तावेज और पिछले दो वर्षों के नवाचारों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया जाएगा। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में इंजीनियरों को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे बड़े सड़क और बाईपास प्रोजेक्ट्स की तकनीकी और वित्तीय निगरानी और भी प्रभावी ढंग से कर सकें।

 

Please follow and like us:
Pin Share

Leave a Reply