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MP में अब घर बैठे होगी दस्तावेजों की रजिस्ट्री, वीडियो KYC के माध्यम से होगा 75 तरह के दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन

 

प्रदेश में अब लीज डीड, लीज नवीनीकरण, पावर आफ अटार्नी, माइनिंग लीज, हलफनामा, साझेदारी डीड जैसे 75 तरह के दस्तावेजों का पंजीयन घर बैठे वीडियो केवाईसी के …और पढ़ें

 

MP में अब घर बैठे होगी दस्तावेजों की रजिस्ट्री, वीडियो KYC के माध्यम से होगा 75 तरह के दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन

MP में अब घर बैठे होगी दस्तावेजों की रजिस्ट्री।

HighLights

  1. MP में अब घर बैठे होगी दस्तावेजों की रजिस्ट्री।
  2. CM ने किया ‘साइबर पंजीयन कार्यालय’ का शुभारंभ।
  3. सरकार ने फेसलेस रजिस्ट्री की सुविधा प्रारंभ की।

भोपाल। प्रदेश में अब लीज डीड, लीज नवीनीकरण, पावर आफ अटार्नी, माइनिंग लीज, हलफनामा, साझेदारी डीड जैसे 75 तरह के दस्तावेजों का पंजीयन घर बैठे वीडियो केवाईसी के माध्यम से हो जाएगा।

राज्य सरकार ने संपदा-2.0 के अंतर्गत यह सुविधा प्रारंभ कर दी है। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल स्थित पंजीयन भवन में साइबर पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा, राज्य सरकार विकास के साथ प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, शुचिता, तत्परता, नवाचार और जनकल्याण को प्रोत्साहन दे रही है।

संपदा-1.0 और संपदा-2.0 के बाद प्रदेश में साइबर पंजीयन की प्रक्रिया का आरंभ होना तकनीक आधारित सुशासन की नई शुरुआत है। मध्य प्रदेश तेजी से बदल रहा है। यह पहला राज्य है, जिसने 75 सेवाओं के लिए पंजीयन की सुविधा प्रारंभ की है।

 

बता दें कि संपदा-2.0 में 141 तरह के दस्तावेजों के पंजीयन होते हैं। बाकी को भी चरणबद्ध तरीके से जोड़ने का प्रयास होगा। इसके पहले सरकार ने फेसलेस रजिस्ट्री की सुविधा प्रारंभ की थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब शासन और उसके उपक्रमों के अंतरण दस्तावेज भी पेपरलेस रजिस्ट्रेशन के माध्यम से पूरे होंगे। नई व्यवस्था से धन और समय दोनों की बचत होगी। विभागीय अधिकारी साइबर पंजीयन सुविधा के माध्यम से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ मौजूदा वित्त वर्ष में अपने लक्ष्य पूरे करें। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि पंजीयन से जुड़े कार्यों को त्रुटिरहित पूरा करने के लिए प्रदेशभर के 14 लाख कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि संपदा 2.0 में अब तक 14 लाख 95 हजार से अधिक दस्तावेजों का पंजीयन हो चुका है।साइबर पंजीयन में नागरिकों की पहचान आधार, पैन आधारित ई-केवाईसी सत्यापन प्रणाली से की जाती है। आधार आधारित मोबाइल एप से थंब व आइरिस का अथंटिकेशन किया जाता है।

इसी तरह से जमीन आदि के दस्तावेज भी लैंड रिकार्ड पोर्टल से ले लिए जाते हैं। जमीन को जियो टैगिंग व्यवस्था से जोड़ा गया है, जिससे कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार जमीन के मूल्य की जानकारी भी आ जाती है।

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