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MP में जलवायु अनुकूल मिट्टी के ब्लॉक से बनाए जाएंगे पीएम आवास, 20-30 प्रतिशत कम करेंगे ऊर्जा की खपत

 

मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास सीएसईबी तकनीक से बनाए जाएंगे। इससे लागत कम होगी, पर्यावरण सुरक्षित रहेगा और ऊर्जा की बचत होगी। प्रत्येक ब्लॉ …और पढ़ें

MP में जलवायु अनुकूल मिट्टी के ब्लॉक से बनाए जाएंगे पीएम आवास, 20-30 प्रतिशत कम करेंगे ऊर्जा की खपत

पीएम आवास योजना में मिट्टी के ब्लाक (सीएसईबी) से आवास बनाए जाएंगे।

HighLights

  1. mp में सीएसईबी तकनीक से ग्रामीण आवास बनाए जाएंगे।
  2. लागत कम, ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण होगा संभव।
  3. प्रत्येक ब्लॉक में न्यूनतम 50 आवास बनाने का लक्ष्य।

भोपाल। मध्य प्रदेश में जलवायु अनुकूल संपीड़ित स्थिर मिट्टी के ब्लाक (सीएसईबी) से प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास बनाए जाएंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने प्रत्येक ब्लाक में न्यूनतम 50 आवास इसी तकनीक से बनाने का लक्ष्य रखा है। इन ब्लाक को स्थानीय तौर पर उपलब्ध मिट्टी में थोड़ी मात्रा में सीमेंट या चूना मिलाकर तैयार किया जाता है। चूंकि, इसके बाद पकी हुई ईंट की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे निर्माण लागत में कमी आती है।

पर्यावरण पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। इस तकनीक से निर्मित आवास, पारंपरिक ईंटों की तुलना में 20-30 प्रतिशत कम ऊर्जा की खपत के साथ आरामदायक होते हैं, जिससे वे जलवायु-अनुकूल विकल्प बनते हैं। सीएसईबी तकनीक जैसे उपायों में परंपरा और नवाचार का मेल देखा जा सकेगा।

 

अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीकी का उपयोग अन्य कई देशों में किया जा रहा है। मध्य प्रदेश के 24 जिलों में पीएम जनमन योजना अंतर्गत 1.85 लाख स्वीकृत आवासों में से 1.34 लाख यानी 72.04 प्रतिशत आवास बनकर तैयार हो गए हैं और 51 हजार आवास अभी भी अपूर्ण हैं, जिन्हें मार्च 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। पीएम जनमन योजना के अंतर्गत बनाए जाने वाले मकानों में भी यह नवाचार देखने को मिलेगा।

त्रिपुरा में किया जा चुका है प्रयोग

त्रिपुरा में इस तरह का प्रयोग किया जा चुका है। इस तकनीक के तहत बने आवासों में स्थिरता के लिए बांस की छतें बनाई जाती हैं, जिसका जीवनकाल 75 वर्ष तक रहता है। यह टिकाऊ मकान देने के साथ ही स्थानीय उपलब्ध संसाधनों का उपयोग भी सुनिश्चित करता है, जो सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप है।

स्वसहायता समूहों को सीएसईबी बनाने में किया जाएगा प्रोत्साहित

संपीड़ित स्थिर मिट्टी के ब्लाक (सीएसईबी) बनाने में स्थानीय स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिनमें मुख्य रूप से ग्रामीण महिलाएं शामिल होगी। ये समूह स्थिर मिट्टी ब्लाक बनाएंगे। इस कार्य से उनकी आय में बढ़ोतरी के साथ ही उनका कौशल भी निखारेगा और उनका समूह आर्थिक रूप से मजबूत होगा।

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