MP News: भारत में घुसपैठियों को चिह्नित कर बाहर करने के केंद्र सरकार के निर्देश पर मध्य प्रदेश में चलाए जा रहे विशेष अभियान में अब तक 26 जिलों में 3,2 …और पढ़ें

मध्य प्रदेश में 3,278 संदिग्ध बांग्लादेशी चिह्नित (सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
- मध्य प्रदेश में 3,278 संदिग्ध बांग्लादेशी चिह्नित
- सरकार ने 31 को वापस बांग्लादेश भेजा
- सर्वाधिक 13 बांग्लादेशियों को धार जिले से वापस भेजा
भोपाल। भारत में घुसपैठियों को चिह्नित कर बाहर करने के केंद्र सरकार के निर्देश पर मध्य प्रदेश में चलाए जा रहे विशेष अभियान में अब तक 26 जिलों में 3,278 संदिग्ध बांग्लादेशी चिह्नित किए गए हैं। अब इनकी वैध नागरिकता की पुष्टि की जा रही है। इसके बाद उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। 18 जून, 2025 से शुरू इस विशेष अभियान में संदिग्ध बांग्लादेशियों की पहचान के लिए दस्तावेजी प्रमाण और खुफिया सूचनाओं का सहारा लिया गया।
इसी प्रक्रिया में 73 बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से यहां रहते पाए गए हैं, इनमें से 31 को वापस भी भेजा जा चुका है। इन जिलों से अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को किया बाहर सबसे ज्यादा 13 बांग्लादेशी धार जिले से वापस भेजे गए हैं। ग्वालियर से 10, जबलपुर में तीन एवं कटनी, विदिशा, सीधी, भोपाल और इंदौर से एक-एक बांग्लादेशी नागरिक को वापस भेजा गया।
बैतूल में सर्वाधिक 5,669 बांग्लादेशी परिवार निवासरत
पांच जिलों में 6,840 शरणार्थी बांग्लादेशी परिवार भारत सरकार ने अलग-अलग राज्यों में रह रहे बांग्लादेशी शरणार्थियों की जानकारी भी मांगी थी। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मई 2025 में प्रेषित जानकारी के अनुसार प्रदेश के पांच जिलों में 6,840 शरणार्थी बांग्लादेशी परिवार रह रहे हैं। बैतूल में सर्वाधिक 5,669 परिवार निवासरत हैं। हालांकि इनके सदस्यों की संख्या स्पष्ट नहीं की गई है।
वहीं पन्ना में 386 परिवारों के 2,086 सदस्य, मंदसौर में 451 परिवारों के 1700 सदस्य, इंदौर में 189 परिवारों के 1270 सदस्य और देवास में 145 परिवारों के 929 सदस्य प्रदेश में शरणार्थी के रूप में रह रहे हैं। बता दें, मध्य प्रदेश की की शिवराज सिंह चौहान सरकार के समय पांच हजार बांग्लादेशी शरणार्थियों को शरण देने की बात सामने आई थी। हालांकि राज्य सरकार ने यह नहीं बताया कि उसने जिन लोगों को शरण दी है, वे किस धर्म विशेष के हैं।




