अग्रसर इंडिया ब्यूरो | भोपाल मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का छठा दिन हंगामे और महत्वपूर्ण घोषणाओं के नाम रहा। सदन में जहाँ एक ओर ‘विनियोग विधेयक 2026’ और बजट पर मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए पिटारा खोलते हुए सरसों और उड़द पर बड़ी राहत की घोषणा की।
किसान कल्याण: सरसों पर ‘भावांतर’ और उड़द पर ₹600 का बोनस
मुख्यमंत्री ने सदन में कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कई बड़े ऐलान किए:
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सरसों उत्पादक: समर्थन मूल्य ($₹6200$) से कम बाजार भाव ($₹5500-6000$) होने के कारण किसानों को भावांतर योजना का लाभ दिया जाएगा।
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उड़द पर बोनस: किसानों को प्रति क्विंटल ₹600 का अतिरिक्त बोनस देने का निर्णय लिया गया है।
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सोयाबीन भुगतान: 6.86 लाख किसानों के खातों में ₹1492 करोड़ की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है।
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बंपर उत्पादन: प्रदेश में सरसों के रकबे में 28% की बढ़ोतरी हुई है, इस साल 15.71 लाख टन उत्पादन का अनुमान है।
MBBS छात्रा मौत मामला: CBI की मांग के बीच SIT का गठन
अलीराजपुर की एमबीबीएस छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला सदन में गरमाया।
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विपक्ष का रुख: कांग्रेस ने निष्पक्षता के लिए सीबीआई जांच की मांग की।
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सरकार का जवाब: प्रभारी मंत्री शिवाजी पटेल ने घोषणा की कि मामले की जांच के लिए SIT (विशेष जांच दल) बना दी गई है। इस टीम में विशेष रूप से महिला अधिकारियों को शामिल किया गया है ताकि जांच की पारदर्शिता और संवेदनशीलता बनी रहे।
सियासी तकरार: लाड़ली बहना योजना पर मुख्यमंत्री का दोहा और विपक्ष का वॉकआउट
सदन में उस समय दिलचस्प मोड़ आ गया जब विपक्ष ने ‘लाड़ली बहना योजना’ के नए पंजीयन (Registration) को लेकर सरकार को घेरा।
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विपक्ष का सवाल: कांग्रेस विधायक महेश परमार और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूछा कि नए रजिस्ट्रेशन कब शुरू होंगे?
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CM का काव्यमयी जवाब: मुख्यमंत्री ने तीखे सवालों का जवाब दोहे से दिया— “धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय, माली सींचे सौ घड़ा, ऋतु आए फल होय।”
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नतीजा: जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने सरकार पर टालमटोल का आरोप लगाया और सदन से वॉकआउट कर दिया।
बजट के बड़े आंकड़े: जेंडर बजट पर जोर
सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं:
| क्षेत्र | आवंटित राशि (करोड़ में) | मुख्य आकर्षण |
| जेंडर बजट (महिला) | ₹1,27,555 | लाड़ली बहना योजना के लिए ₹23,883 करोड़ |
| किसान कल्याण | ₹1,15,013 | कृषि अधोसंरचना और सब्सिडी |
अग्रसर इंडिया विश्लेषण: चुनावी वादों और राजकोषीय प्रबंधन के बीच संतुलन
आज की कार्यवाही से स्पष्ट है कि सरकार कृषि और महिला सशक्तिकरण को अपना मुख्य कवच बना रही है। सरसों पर भावांतर और उड़द पर बोनस देकर सरकार ने ग्रामीण बेल्ट में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है, वहीं विपक्ष ने सुरक्षा और पेंडिंग वादों (नए रजिस्ट्रेशन) को लेकर आक्रामक रुख बरकरार रखा है।




