भोपाल जिला उपभोक्ता ने सुनवाई के दौरान कहा कि होटल प्रबंधन ने स्पष्ट जानकारी दिए बिना उपभोक्ता को भ्रमित किया, जो सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवह …और पढ़ें

भोपाल। होटल बुकिंग वेबसाइट ओयो से एक युवक को लुभावने ऑफर देकर कमरा बुक कराया। जब युवक भोपाल ओयो द्वारा बुक होटल में पहुंचा तो उसे दूसरे होटल में भेज दिया गया और आफर देने से मना कर दिया गया। यही नहीं, बुकिंग भी एक दिन की ही गई। उसके बाद उसे चेकआउट करने के लिए कह दिया गया।
मामला जिला उपभोक्ता आयोग क्रमांक-2 में पहुंचा। आयोग की अध्यक्ष गिरिबाला सिंह व सदस्य प्रीति मुदगल की बेंच ने मामले में ओयो वेबसाइट के मैनेजर व होटल संचालक को फटकार लगाते हुए 15 हजार रुपये हर्जाना देने का आदेश दिया है। दरअसल, उमरिया जिले के नौरोजाबाद निवासी शिवम पाठक ने 2024 में ओयो वेबसाइट और होटल कैपिटल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
आयोग ने सुनवाई के दौरान कहा कि होटल प्रबंधन ने स्पष्ट जानकारी दिए बिना उपभोक्ता को भ्रमित किया, जो सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है। आयोग ने टिप्पणी की कि युवक परीक्षा देने के उद्देश्य से आया था और होटल की लापरवाही के कारण उसे मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
चार दिन के लिए बुक किया था कमरा, दिया एक दिन के लिए, भरना पड़ गया चार्ज
जानकारी के मुताबिक शिवम पाठक ने 12 जुलाई 2022 में भोपाल में चार दिन के लिए परीक्षा के दौरान ठहरने के लिए उसने 12 से 15 जुलाई तक के लिए ऑनलाइन माध्यम से होटल में कमरा बुक किया। बुकिंग के समय उसने एक ऑफर के तहत 1,272 रुपये में चार दिन के लिए कमरा आरक्षित कराया था, लेकिन होटल में चेक-इन करने पहुंचा तो होटल प्रबंधन ने उसे बताया कि बुकिंग केवल एक दिन के लिए है।
कोई ऑफर नहीं चल रहा है। शेष तीन दिन के लिए उसे प्रतिदिन 1,272 रुपये अतिरिक्त जमा करने होंगे। युवक ने बताया कि इस कारण वह अनावश्यक रूप से परेशान हुआ और परीक्षा के तनाव के बीच उसे ठहरने की चिंता भी सताने लगी। मजबूरी में उसने अतिरिक्त भुगतान कर चार दिन तक परीक्षा दी। इस कारण उसकी परीक्षा भी अच्छी नहीं गई।
बुकिंग की शर्तें स्पष्ट रखें
यह फैसला उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोग ने साफ किया कि ऑनलाइन बुकिंग के मामलों में होटल संचालकों की जिम्मेदारी है कि वे बुकिंग की शर्तों को स्पष्ट रखें और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने दें। – संभावना राजपूत, उपभोक्ता की अधिवक्ता




