Bhopal Breaking news Latest News MP Polictics

पांच साल से छेड़छाड़ झेल रही बैंकर, पुलिस शिकायत तक नहीं सुनती; महिला आयोग में पीड़िता ने सुनाई आपबीती

 

महिला सुरक्षा और संवेदनशील कानूनों का सिस्टम ने क्या हाल किया है उसका नमूना बुधवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की जनसुनवाई में दिखा। यहां कई मामले ऐसे देख …और पढ़ें

 

HighLights

  1. महिला आयोग में एक पीड़िता ने बताया कि वह पांच साल से छेड़छाड़ झेल रही है
  2. राष्ट्रीय महिला आयोग की जनसुनवाई में ऐसी शिकायतों की भीड़ देखने को मिली
  3. अध्यक्ष ने एक सप्ताह के भीतर एफआईआर करने के निर्देश दिए हैं

भोपाल। महिला सुरक्षा और संवेदनशील कानूनों का सिस्टम ने क्या हाल किया है उसका नमूना बुधवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की जनसुनवाई में दिखा। यहां शाहपुरा थाना क्षेत्र की बैंककर्मी ने बताया कि वह तीन महीने की बच्ची की एकल अभिभावक है। पिछले पांच सालों से एक व्यक्ति पीछा कर रहा है। आते-जाते भद्दे कमेंट करता है। शाहपुरा थाने में कई बार शिकायत किया लेकिन पुलिस एफआईआर तक नहीं लिखती। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने पुलिस को एक सप्ताह में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

सुनवाई के लिए आए 53 मामलों में से 38 में ही सुनवाई हो पाई। इनमें से 15 मामले ऐसे थे, जिनमें थाने स्तर पर पीड़िता को राहत दी जा सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एक महिला महाराष्ट्र से न्याय की उम्मीद में पहुंची थी, जिसके पूर्व प्रेमी ने अंतरंग तस्वीरों और वीडियो जारी कर उसकी गृहस्थी उजाड़ दी थी। पति से तलाक हो गया, बैंक ने नौकरी से निकाल दिया, लेकिन आरोपित अभी भी उसी बैंक में नौकरी कर रहा है।

 

न्याय की उम्मीद में दरवाजे खटखटा रहा भाई

दो से तीन साल तक रिश्ते में रहने और शादी का वादा करने के बाद 22 मार्च 2025 को जान गंवाने वाली एम्स भोपाल की महिला कर्मी का भाई भी न्याय के लिए आयोग के दरवाजे पर पहुंचा। उसका कहना है कि पुलिस ने सबूतों से छेड़छाड़ की है जिससे जांच प्रभावित हुई है। आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने अधिकारियों को नौ दिन में मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

प्रदेश से 800 शिकायतें आयोग के पास

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर के अनुसार पिछले एक वर्ष में मध्य प्रदेश से लगभग 800 शिकायतें मिली हैं। प्रत्येक शिकायत को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना गया। कई मामलों में पुलिस को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। एक महीने के भीतर कार्रवाई कर एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) आयोग को भेजने को कहा गया है।

Please follow and like us:
Pin Share

Leave a Reply