भोपाल: राजधानी के सबसे व्यस्ततम इलाकों में शुमार ‘चौक बाजार’ गुरुवार रात गोलियों की गूँज तो नहीं, लेकिन चाकुओं की ताबड़तोड़ वार से दहल उठा। पुराने विवाद और ‘अटेम्प्ट टू मर्डर’ के केस में राजीनामा न करने की जिद एक युवक पर भारी पड़ गई। बदमाशों ने सरेआम युवक पर जानलेवा हमला कर उसका दायां कान काट दिया और गर्दन पर गहरे वार कर उसे मरणासन्न हालत में छोड़कर फरार हो गए।
प्रमुख बिंदु (HighLights):
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वारदात का कारण: पुराने हत्या के प्रयास के मामले में समझौता करने का दबाव।
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सरेराह हमला: बाइक सवार दो बदमाशों ने गर्दन और सिर पर किए ताबड़तोड़ वार।
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अपराधिक पृष्ठभूमि: घायल युवक ‘अल्ताफ राजा’ खुद ऐशबाग थाने का लिस्टेड बदमाश है।
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हालत नाजुक: हमीदिया अस्पताल में भर्ती पीड़ित की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
पुरानी रंजिश और ‘समझौते’ का खौफनाक दबाव
पुलिस के अनुसार, ऐशबाग निवासी अल्ताफ राजा और अमन नेपाली के बीच करीब दो महीने पहले तलैया क्षेत्र में विवाद हुआ था। इस मामले में अमन और उसके साथियों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज था। आरोपी अमन लगातार अल्ताफ पर केस वापस लेने और समझौता करने का दबाव बना रहा था, लेकिन अल्ताफ ने झुकने से इनकार कर दिया।
रात 10 बजे का खूनी मंजर: गुरुवार रात करीब 10 बजे जब अल्ताफ राजा चौक बाजार क्षेत्र में था, तभी अमन नेपाली अपने एक साथी के साथ बाइक पर सवार होकर पहुँचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिना किसी बहस के आरोपियों ने चाकू निकालकर हमला शुरू कर दिया।
चोट की गंभीरता: हमले में अल्ताफ का दायां कान कटकर लटक गया है। गर्दन पर गहरा घाव होने के कारण अत्यधिक रक्तस्राव हुआ है, जिससे उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
पुलिसिया कार्रवाई: ‘लिस्टेड गुंडों’ की आपसी जंग
कोतवाली थाना प्रभारी काशीराम कुशवाहा ने बताया कि घायल अल्ताफ राजा भी आपराधिक प्रवृत्ति का है और पुलिस रिकॉर्ड में उसका नाम दर्ज है। फिलहाल, पुलिस ने अमन नेपाली और उसके साथी के खिलाफ ‘हत्या के प्रयास’ (IPC 307) का मामला दर्ज कर लिया है।
अस्पताल और जांच: पीड़ित को तत्काल हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इलाके के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की जा सके।
सिस्टम पर सवाल: क्या बदमाशों में पुलिस का खौफ खत्म?
शहर के बीचों-बीच और भीड़भाड़ वाले चौक बाजार में इस तरह की वारदात होना कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। जब सरेराह एक अपराधी दूसरे अपराधी का कान काट कर फरार हो जाता है, तो आम नागरिक की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?




