भोपाल: प्रदेश में कड़ाके की ठंड की विदाई के साथ ही अब सूरज के तेवर तीखे होने लगे हैं। मार्च की पहले ही दिन प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया। भोपाल में यह 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं खरगोन में पारा 35 डिग्री सेल्सियस को पार पहुंच गया। यह प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। आने वाले दिनों में और गर्मी बढ़ने की संभावना है।
रविवार को प्रदेश का मौसम शुष्क रहा। आसमान पर बादलों की लुका-छिपी देखने को मिली। खंडवा, शिवपुरी, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, मंडला, खजुराहो, नरसिंहपुर, सतना और सिवनी में दिन का तापमान 33 से 34 डिग्री तक रिकार्ड किया गया। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क रहेगा, दिन और रात के तापमान में दो से चार डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
राजधानी में बढ़ा रहा है पारा
मार्च के दूसरे दिन भोपाल का अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। यह सामान्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस अधिक है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि मार्च में राजधानी और आसपास के जिलों का मौसम तेजी से गर्म होता है। पिछले 10 वर्षों में मार्च महीने के दौरान पांच बार भोपाल का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक हुआ है। इस बार भी झुलसाने वाली गर्मी के आसार बन रहे हैं।
10 वर्षों से मार्च में ऐसे तपा है शहर
| वर्ष | दिनांक | तापमान (°C) |
|---|---|---|
| 2016 | 27 | 39.2 |
| 2017 | 31 | 40.8 |
| 2018 | 31 | 39.3 |
| 2019 | 31 | 40.8 |
| 2020 | 31 | 36.4 |
| 2021 | 30 | 41 |
| 2022 | 31 | 40.3 |
| 2023 | 29 | 36.9 |
| 2024 | 28 | 40.9 |
| 2025 | 26 | 38.8 |
मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला का कहना है कि 15 मार्च के बाद से तापमान में तेजी से वृद्धि होगी। इस दौरान सुबह और शाम की ठंडक पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और दोपहर का तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचेगा। मार्च के शुरुआती हफ्तों में पारा 30 से 35 डिग्री के बीच रहेगा, लेकिन महीने के अंत तक इसके 40 डिग्री के आसपास पहुंचने की संभावना है।
न्यूनतम तापमान भी बढ़कर 20 डिग्री तक जा सकता है। इस महीने हवाओं की दिशा उत्तर-पूर्वी से बदलकर दक्षिणी होना शुरू हो जाती है, जिससे वातावरण में शुष्कता और गर्मी बढ़ती है।
मौसमी प्रभावों से वर्षा की संभावना बनी तो लू जैसी परिस्थितियां जल्दी बनेंगी। रिकॉर्ड के मुताबिक मार्च महीने में औसतन 8.8 मिमी वर्षा होती है। 10 मार्च 2006 को यहां एक दिन में 44.7 मिलीमीटर वर्षा का भी सर्वकालिक रिकॉर्ड है। 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। मार्च महीने में अब तक का अधिकतम तापमान है। भोपाल की सबसे ठंडी रात नौ मार्च 1979 को दर्ज हुई थी। तब न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था।
इन वजहों से भी बढ़ी गर्मी
पर्यावरण कार्यकर्ता डॉ. सुभाष सी. पांडेय का कहना है कि शहर में कंक्रीट के बढ़ते जंगल और सड़कों के चौड़ीकरण के लिए हो रही अंधाधुंध पेड़ों की कटाई से शहर में गर्मी बढ़ रही है।
वाहनों की बढ़ती संख्या, एयर कंडीशनर से निकलने वाली गर्म हवा और सीमेंटेड निर्माणों के कारण हीट आइलैंड की स्थिति बन रही है। इसी रफ्तार से हरियाली खत्म होती रही और कंक्रीट का विस्तार जारी रहा, तो आने वाले सालों में दिन का तापमान असहनीय हो सकता है।




