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स्मार्ट कार्ड और क्यूआर कोड से ले सकेंगे भोपाल मेट्रो के सफर का अनुभव

 

दिल्ली मेट्रो के विशेषज्ञों की निगरानी में मप्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएमआरसीएल) और दिल्ली मेट्रो (डीएमआरसी) के बीच हुए एमओयू के तहत, दिल् …और पढ़ें

HighLights

  1. सिस्टम को इंस्टाल करने के लिए इसके पहले तुर्किये की एक कंपनी को टेंडर दिया गया था
  2. ऑपरेशन सिंदूर के बाद वह समझौता रद होने के बाद से यह सिस्टम इंस्टाल नहीं हो पाए थे
  3. अब दिल्ली मेट्रो की तकनीकी और परिचालन भागीदारी से इस प्रोजेक्ट को नई गति मिली है

भोपाल। नागरिकों के लिए मेट्रो का सफर अब और भी आधुनिक और सुगम होने जा रहा है। आरेंज लाइन प्रायोरिटी कारिडोर के मेट्रो स्टेशन पर आटोमेटिक फेयर कलेक्शन (एएफसी) सिस्टम इंस्टाल करने का काम शुरू हो चुका है। इस प्रणाली के लागू होने से यात्रियों को टिकट काउंटर पर लाइन लगने की जरूरत नहीं होगी, जिससे समय की बचत और यात्रा का अनुभव बेहतर होगा।

ज्ञात हो कि इस सिस्टम को इंस्टाल करने के लिए पहले तुर्किये की एक कंपनी को टेंडर दिया था, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद वह समझौता रद होने के बाद से यह सिस्टम इंस्टाल नहीं हो पाए थे। अब दिल्ली मेट्रो की तकनीकी और परिचालन भागीदारी से इस प्रोजेक्ट को नई गति मिली है।

 

दिल्ली मेट्रो के विशेषज्ञों की निगरानी में मप्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएमआरसीएल) और दिल्ली मेट्रो (डीएमआरसी) के बीच हुए एमओयू के तहत, दिल्ली मेट्रो के अनुभवी इंजीनियर भोपाल मेट्रो के लिए इस एडवांस सिस्टम को स्थापित कर रहे हैं। वर्तमान में यह काम सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन पर चल रहा है। मेट्रो प्रबंधन के अनुसार आरेंज लाइन के आठ मेट्रो स्टेशनों पर इस सिस्टम को इंस्टाल व टेस्ट करने में लगभग दो महीने का समय लगेगा।

इंस्टालेशन के बाद फंक्शन ऑपरेटिंग की होगी जांच

एएफसी सिस्टम के इंस्टाल होने के बाद इसके फंक्शन आपरेटिंग की जांच की जाएगी, ताकि यात्रियों को तकनीकी समस्या का सामना न करना पड़े। वहीं, ऑरेंज लाइन के दूसरे चरण में बनाए जा रहे मेट्रो स्टेशनों पर भी दिल्ली मेट्रो द्वारा ही एएफसी सिस्टम लगाया जाएगा।

यात्री संख्या में गिरावट

21 दिसंबर से आम लोगों के लिए मेट्रो को एम्स से लेकर सुभाष नगर तक चलाया गया। पहले सप्ताह हजारों की संख्या में यात्रियों ने यात्रा की, दूसरे सप्ताह भी यात्रियों की संख्या ठीक रही, लेकिन तीसरे सप्ताह से इसमें गिरावट होना शुरू हो गई। अब रोजाना ढाई-तीन सौ यात्री सफर कर रहे हैं।

एएफसी सिस्टम से यात्रियों को होने वाले खास फायदे

डिजिटल पेमेंट : यात्री क्यूआर कोड और स्मार्ट कार्ड के माध्यम से सीधे भुगतान कर सकेंगे।

भीड़ से मुक्ति : स्टेशनों पर फिजिकल टिकट काउंटरों पर निर्भरता कम होगी, जिससे पीक आवर्स में भीड़ नहीं लगेगी।

बेहतर राजस्व प्रबंधन : इस सिस्टम से मेट्रो प्रशासन को सटीक राजस्व डेटा और यात्रियों की संख्या का प्रबंधन करने में मदद मिलेगी ।

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