इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विवि अमरकंटक अधिकारियों एवं उनके परिजनों को फर्जी प्रमाण-पत्रों के आधार पर प्रवेश दिलाने के आरोप में प्रबंधन जांच के घे …और पढ़ें

विधानसभा में गूंजा अमरकंटक यूनिवर्सिटी का ‘फर्जीवाड़ा’ (फाइल फोटो)
HighLights
- विधानसभा में गूंजा अमरकंटक यूनिवर्सिटी का ‘फर्जीवाड़ा’
- जांच के घेरे में इंदिरा गांधी जनजातीय विवि अमरकंटक
- यूनिवर्सिटी के खिलाफ फर्जीवाड़े शिकायतें प्राप्त हुई है
भोपाल। अधिकारियों एवं उनके परिजनों को फर्जी प्रमाण-पत्रों के आधार पर प्रवेश दिलाने के आरोप में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विवि अमरकंटक प्रबंधन जांच के घेरे में हैं। ये मामला विधानसभा में भी पहुंच गया है। मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार से पूछा है कि शासन उच्च शिक्षा विभाग को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विवि अमरकंटक के विरुद्ध फर्जीवाड़े एवं अनियमितता की शिकायतें प्राप्त हुई है? इस दिशा में क्या कार्रवाई की गई है?
सवाल के लिखित जवाब में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विवि अमरकंटक एक केंद्रीय विश्वविद्यालय है। इसके विरुद्ध तीन शिकायतें प्राप्त हुई हैं। ये शिकायतें एक नवंबर 2023, छह दिसंबर 2023 एवं सात दिसंबर 2023 को प्राप्त हुई हैं। लिखित जवाब में बताया गया कि अवर सचिव उच्च शिक्षा वीरन भलावी ने अपर सचिव शिक्षा विभाग भारत सरकार एस के वर्णमाल से पत्राचार कर प्रकरण पर कार्यवाही का अनुरोध किया है।
बढ़ सकती है फीस
जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर में 10 प्रतिशत फीस बढ़ सकती है। सरकार ने शैक्षणिक फीस में 10 प्रतिशत वृद्धि करने का प्रस्ताव रखा है। ये जानकारी भाजपा विधायक गोपाल भार्गव के सवाल के जवाब में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने विधानसभा में लिखित जवाब में दी है। सवाल के जवाब में कृषि मंत्री ने बताया कि विवि को ब्लॉक ग्रांट वर्षवार जारी किया जाता है।
साल 2025-26 के लिए 12 हजार लाख रुपये जारी किए गए हैं। इनमें दो हजार लाख अनुसंधान एवं विकास कार्यों के लिए हैं। विवि की स्वंय की आय बढ़ाए जाने के प्रयास किए जा रहे है, जिसके अंतर्गत कन्सलटेंसी प्रोसेसिंग सेल एवं प्रक्षेत्र से आय बढ़ाए जाने तथा शैक्षणिक फीस में 10 प्रतिशत वृद्धि करने का प्रस्ताव हैं।




